वृंदावन| प्रसिद्ध संत प्रेमानंदजी महाराज ने स्वास्थ्य खराब होने के बाद पहली बार भक्तों को भावुक संदेश दिया है। पिछले नौ दिनों से उनकी नियमित पदयात्रा बंद है, जिसके बाद देशभर में उनके अनुयायियों के बीच चिंता बढ़ गई थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में उन्होंने कहा कि मैं रहूं या न रहूं, हमेशा आपके साथ रहूंगा। मेरी चिंता छोड़िए और श्रीजी का ध्यान लगाइए।
स्वास्थ्य खराब होने के बाद 9 दिन से रुकी पदयात्रा, भक्तों से कहा- मेरी नहीं, श्रीजी की चिंता करें
प्रेमानंदजी की इस अपील के बाद उनके भक्त भावुक नजर आए। वृंदावन स्थित आश्रम में भी लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही है और लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और चिकित्सकों की सलाह के चलते उन्होंने फिलहाल पदयात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई हुई है। प्रेमानंदजी का संदेश सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर उनके अनुयायियों ने प्रार्थना और भजन पोस्ट साझा किए। कई भक्तों ने लिखा कि महाराज की पदयात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बन चुकी है। आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फिलहाल उनकी तबीयत में सुधार है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि पदयात्रा दोबारा कब शुरू होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। दिल्ली से वृंदावन पहुंचे श्रद्धालु विनोद शर्मा ने कहा कि महाराज के शब्दों से मन को शांति मिलती है। उनकी तबीयत को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन उनका संदेश आस्था मजबूत करता है। वहीं लुधियाना की श्रद्धालु किरण अरोड़ा ने कहा कि प्रेमानंदजी लोगों को भक्ति और सकारात्मक सोच की राह दिखाते हैं। धार्मिक जानकारों का मानना है कि प्रेमानंदजी ने अपने संदेश के जरिए भक्तों को व्यक्ति पूजा से ऊपर उठकर भक्ति और अध्यात्म पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया है।
