अम्बाला -:लगातार बढ़ती डीजल कीमतों ने अब प्राइवेट और सहकारी बस संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अंबाला सेंट्रल बस स्टैंड स्थित दी सहकारी परिवहन कल्याण समिति की बैठक में बस ऑपरेटरों ने सरकार से बस किराया बढ़ाने की मांग उठाई। संचालकों का कहना है कि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन किराए में बढ़ोतरी नहीं होने से बसों का संचालन घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
देशभर में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का असर अब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। अंबाला जिले में सहकारी परिवहन समितियों की करीब 76 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं। इनमें अंबाला छावनी से नारायणगढ़, जगाधरी, पंचकूला और पिंजौर सहित कई रूट शामिल हैं।बस संचालकों का कहना है कि जब डीजल करीब 68 रुपये प्रति लीटर था, तब किराए में बढ़ोतरी की गई थी। लेकिन अब डीजल करीब 96 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुका है, बावजूद इसके किराया पुराने स्तर पर ही बना हुआ है। इससे बस ऑपरेटरों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।समिति के प्रधान राम नाथ राणा ने बताया कि हरियाणा में बस किराया पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी कम है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में प्रति किलोमीटर किराया हरियाणा से ज्यादा वसूला जा रहा है।बस संचालकों का कहना है कि डीजल, मेंटेनेंस, कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में बिना किराया बढ़ाए बसों का संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बस किराए में जल्द बढ़ोतरी की जाए या फिर सहकारी समितियों को आर्थिक राहत दी जाए ताकि परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
