Panchkula, 19 January-:हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की भर्तियों में लागू 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक (कटऑफ) की नीति के विरोध में अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 22वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह कटऑफ व्यवस्था मनमानी है और इससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
पिछले 15 दिनों से अभ्यर्थी सरकार और आयोग से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। धरनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे 23 जनवरी से सामूहिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 35 प्रतिशत कटऑफ न तो संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप है और न ही सामाजिक न्याय की भावना को दर्शाती है। इस नीति के कारण कई पद रिक्त पड़े हैं, जबकि योग्य अभ्यर्थी रोजगार से वंचित रह गए हैं।धरने को संबोधित करते हुए राजकुमार सैनी ने कहा कि सरकार का नेतृत्व पिछड़ा वर्ग से होने के बावजूद बैकवर्ड क्लास के पदों को नहीं भरा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले सकता है।प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार और HPSC से 35 प्रतिशत कटऑफ की नीति को तुरंत वापस लेने, रिक्त पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
