Shimla, Sanju- हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश से जनजीवन पहले से ही अस्त-व्यस्त है, वहीं शिमला में चल रही फोरलेन परियोजना को लेकर अब विरोध की आंधी तेज़ होती जा रही है। रविवार को कालीबाड़ी हॉल में हिमाचल किसान सभा द्वारा आयोजित अधिवेशन में स्थानीय लोगों और किसानों ने निर्माण कार्य के चलते हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जाहिर की।
सभा में बताया गया कि इस परियोजना से शिमला की लगभग नौ पंचायतों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। खासकर वे इलाके जहां निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है, वहां लोगों को मकानों में दरारें, खेतों को नुकसान और बाग़ीचों की बर्बादी जैसे संकट झेलने पड़ रहे हैं।
भट्टाकुफर में ढही इमारत बनी चेतावनी की घंटी
बीते दिनों शिमला के भट्टाकुफर इलाके में एक पांच मंज़िला इमारत के ढह जाने और आसपास की चार अन्य इमारतों पर खतरे के बादल मंडराने की घटना ने फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता और नियम पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिमाचल किसान सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी
हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने आरोप लगाया कि फोरलेन निर्माण में मानकों और पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। दिन-रात बिना उचित सुरक्षा उपायों के हो रहे कार्य से लोगों की जान-माल पर खतरा मंडरा रहा है।
तंवर ने कहा,”यह सिर्फ एक सड़क नहीं,लोगों की ज़िंदगी और ज़मीन का सवाल है।यदि सरकार ने जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए, तो व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।” उन्होंने प्रभावित परिवारों को फैक्टर-2 के तहत उचित मुआवज़ा देने की भी मांग की।
