रेवाड़ी (एकता): कहते हैं कि जिंदगी में कुछ करने के लिए हौंसले बुलंद होने चाहिए। हर किसी को अपने तरीके बदलने चाहिए न कि इरादे…फिर देखो कैसे मंजिल नहीं मिलती। ऐसा ही कुछ हरियाणा के रेवाड़ी जिले की 10 साल की आराध्या ने कर दिखाया। मीडिया सूत्रों के अनुसार आराध्या ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी ‘माउंट एवरेस्ट बेस कैंप’ पर तिरंगा फहराकर सबको हैरान कर दिया। उसने 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित खुम्बू आइसफॉल पर चढ़कर रिकॉर्ड बनाया है। हर कोई उसकी कामयाबी से काफी खुश है।

महज 10 साल की उम्र में पहुंची खुम्बू आइसफॉल
जानकारी के मुताबिक हरियाणा की आराध्या महज 10 साल की उम्र में ही खुम्बू आइसफॉल तक पहुंचने वाली पहली बच्ची है। बताया जा रहा है कि चढ़ाई के समय बच्ची को रास्ते में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, इतना ही नहीं बर्फबारी और बारिश में भी उसका हौसला नहीं डगमगाया। आराध्या की मां ने बताया कि वह बड़े होकर एयरफोर्स में भर्ती होना चाहती है, ताकि वह देश की सेवा कर सके।

जानिए कैसे भरी थी आराध्या ने उड़ान
बता दें कि आराध्या रेवाड़ी के गांव हांसाका की रहने वाली है। उसकी मां नर्सिंग की जॉब करती है। खास बात यह है कि जब वो 4 साल की थी तो वह अपने मामा के साथ वेस्ट बंगाल गई थी। आराध्या की रुचि सेना में भर्ती होने के लिए बढ़ती चली गई। इस दौरान वह अपनी मां से मांउट एवरेस्ट के बारे में पूछने लगी, जिसके बाद आराध्या के हौसले को उनके टीचर यतीश ने देखा और कहा कि वह माउंट एवरेस्ट पर चढ़ सकती है। हालांकि माउंट एवरेस्ट पर छोटे बच्चों को चढ़ने की अनुमति नहीं है लेकिन उसके बेस कैंप तक जाया जा सकता है। बस फिर क्या वह अपने टीचर की मदद से वहां पहुंची। उसने अब ठान लिया है कि जब वह बड़ी हो जाएगी तो माउंट एवरेस्ट की आगे की चढ़ाई भी पूरी करेगी।
