Faridabad, 3 January-:फरीदाबाद में नए साल के मौके पर इंसानियत और तत्परता की एक मिसाल देखने को मिली, जब चलती ट्रेन में एक महिला ने बेटी को जन्म दिया। यह मामला श्री माता वैष्णो देवी कटरा से जबलपुर जा रही 11450 जबलपुर एक्सप्रेस का है, जिसमें यात्रा कर रही गर्भवती महिला को अचानक समय से पहले लेबर पेन शुरू हो गया।
महिला की पहचान अभिलाषा के रूप में हुई है, जो अपने पति जवाहरलाल के साथ जम्मू-कश्मीर से मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के गांव सिटोली लौट रही थी। अभिलाषा आठ माह की गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी समय से पहले हो गई। शुक्रवार दोपहर जब ट्रेन दिल्ली पहुंची, तभी महिला को हल्का दर्द शुरू हुआ, लेकिन तुगलकाबाद स्टेशन पार करते ही दर्द असहनीय हो गया।महिला की हालत बिगड़ती देख उसके पति ने कोच में मौजूद अन्य यात्रियों से मदद की गुहार लगाई। S-5 कोच में मौजूद महिलाओं ने तुरंत स्थिति को समझते हुए सराहनीय पहल की। उन्होंने चादरें और कंबल इकट्ठा कर सीट के आसपास पर्दा बनाया और अन्य यात्रियों को दूर भेज दिया। इसके बाद कुछ अनुभवी महिलाओं की मदद से ट्रेन में ही सुरक्षित तरीके से डिलीवरी कराई गई और महिला ने बेटी को जन्म दिया।
इस दौरान किसी यात्री ने रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया। ट्रेन को ओल्ड रेलवे स्टेशन फरीदाबाद पर रोका गया, जहां करीब 26 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। रेलवे मेडिकल की महिला स्टाफ मौके पर पहुंची और मां व नवजात बच्ची का प्राथमिक उपचार किया।इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की महिला पुलिस कर्मियों की सहायता से मां और नवजात को एंबुलेंस के जरिए फरीदाबाद के बीके अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला और उसकी नवजात बेटी दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।रेलवे अधिकारियों ने बताया कि महिला और उसका पति जम्मू-कश्मीर में काम करते थे और डिलीवरी की संभावना को देखते हुए गांव लौट रहे थे। इस पूरी घटना में ट्रेन में मौजूद महिलाओं, यात्रियों, रेलवे स्टाफ और पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
