7 अगस्त कुरुक्षेत्र-सामाजिक समरसता व सिख संगत को एकजुट करने के उद्देश्य से सेक्टर 8 स्थित गुरुद्वारा बैकुंठ धाम में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कुरुक्षेत्र, करनाल व अन्य क्षेत्रों से पहुंचे सिख समाज के बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। मंच का संचालन सरदार अमीर सिंह ने किया। अमीर सिंह ने कहा कि आज सिखों को अपने मतभेदों को छोड़कर एक निशान साहिब के नीचे एकत्रित होना बहुत जरूरी है जिसके लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि अगर किसी को भी किसी धर्म के व्यक्ति के साथ कोई अन्याय होता है तो सिख संगत उसकी रक्षा कर सके।
अमीर सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि आजादी के समय लगभग 75 परसेंट से ज्यादा कुर्बानियां देने वाली मार्शल सिख कौम को आज राजनीति से बड़ी बड़ी पार्टियों ने दरकिनार किया है। किसी भी बड़ी पार्टी ने हरियाणा राज में सिखों को उनकी पर्याप्त भागीदारी नहीं दी जिसका कारण सिख संगत का आपसी संगठित न होना है। उन्होंने कहा की हम सभी साथी लगातार सामाजिक भाईचारे को लेकर व सिख पंथ की एकजुटता को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं जिसमें हरियाणा राज्य की सिख संगत भरपूर सहयोग दे रही है जिसके लिए हम समूह साध संगत का धन्यवाद करते हैं। वह दिन दूर नहीं जब समूचा पंथ एक निशान साहिब के नीचे होगा और अन्य धर्मों के लोगों के साथ आपसी भाईचारा मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि आगामी 8 सितंबर को करनाल में भी सिख संगत द्वारा एक बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में सिख समाज की राजनीति में पर्याप्त भागीदारी और अन्य कई विषयों को लेकर मंथन किया जाएगा।
इस बैठक में बीते दिन कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान उनके सुरक्षाकर्मियों के ड्रेस और हथियारों सहित दरबार साहब में प्रवेश करने की घटना की निंदा की गई। भविष्य में ऐसी घटना ना घटे इसको लेकर भी मंथन किया गया। वहीं उन्होंने कहा कि ऐसी घटना पहले भी घट चुकी है। मुख्यमंत्री खुद बेहद शालीन स्वभाव के हैं परंतु गुरुद्वारा प्रबंधकों को इस बारे में ध्यान रखना होगा कि वह गुरु ग्रंथ साहब के प्रोटोकॉल का पालन करवाएं।बैठक में बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान गुरतेज सिंह सेखों, हरमनप्रीत सिंह के अलावा सैंकड़ों की संख्या में सिख संगत ने बैठक में शिरकत की।
