Shimla,24 October:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या सरलीकरण का भाजपा पुरजोर विरोध करेगी।उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों और मित्र मंडली को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश के हितों की बलि चढ़ाना चाहती है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पहले ही धार्मिक संस्थाओं को धारा 118 में छूट देकर भूमि बिक्री का रास्ता खोला,जबकि भाजपा ने इसका विधानसभा के भीतर और बाहर कड़ा विरोध किया।अब सरकार ‘सरलीकरण’ के नाम पर फिर से प्रदेश की भूमि और संसाधनों को बाहरी तत्वों के हवाले करने की योजना बना रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश की संपत्तियों को नीलाम करने की नीति पर चल रहे हैं।पहले पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की 40 हेक्टेयर भूमि व्यापारी मित्रों को बेचने की कोशिश की गई,जिसे न्यायालय के हस्तक्षेप से रोका गया। अब 20 से अधिक होटलों को बेचने की तैयारी है। यह सरकार प्रदेश के संसाधनों को माफिया और खास लोगों के हवाले कर रही है,”जयराम ठाकुर ने कहा।उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल और हिमाचलियत की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री यदि धारा 118 को छूने की कोशिश करेंगे तो भाजपा सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन छेड़ेगी.
बड़सर में लोगों से बिना मिले लौटे मुख्यमंत्री : ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने बड़सर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में तय कार्यक्रम के बावजूद स्थानीय लोगों से मुलाकात नहीं की।उन्होंने कहा,“सैकड़ों लोग,जिनमें बुजुर्ग और दिव्यांग शामिल थे,मुख्यमंत्री से अपनी समस्याएं बताने पहुंचे थे,लेकिन मुख्यमंत्री बिना किसी से मिले वापस लौट गए।जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि लोगों की वृद्धा और सहारा पेंशन क्यों रोकी गई है और सरकार बुजुर्गों को बेसहारा क्यों बना रही है।
तीन साल में बड़सर अस्पताल की एक ईंट भी नहीं रखी : जयराम ठाकुर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तीन वर्षों में तीन बार बड़सर सिविल अस्पताल को 100 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की,लेकिन आज तक वहां एक भी नई ईंट नहीं रखी गई।उन्होंने कहा कि “इस सरकार ने विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बजाय संस्थाएं बंद करने में ही शतक लगाया है। जिन योजनाओं का लोकार्पण किया जा रहा है,वे सभी भाजपा सरकार की देन हैं।
