कांगड़ा/9 फरवरी-:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सुक्खू सरकार के शासनकाल में प्रदेश का आम नागरिक खुद को असहाय और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार की नीतियां जनकल्याण की बजाय आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली साबित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की सबसे बड़ी मार बीमार मरीजों, शिक्षा संस्थानों और युवाओं पर पड़ रही है।
जयराम ठाकुर ने अस्पतालों में जांच दरें बढ़ाने के फैसले को अमानवीय बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित “फ्री डायग्नोस्टिक इनिशिएटिव सर्विस” योजना के अंतर्गत प्रदेश के अस्पतालों में मरीजों को नि:शुल्क जांच की सुविधा मिल रही थी। इस योजना में कुल खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करती है और राज्य सरकार को मात्र 10 प्रतिशत योगदान देना होता है। इसके बावजूद सुक्खू सरकार इस न्यूनतम हिस्सेदारी को देने से पीछे हट रही है, जिसके कारण प्रदेश के मरीजों की जान खतरे में डाली जा रही है।उन्होंने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य में सरकार की पहली जिम्मेदारी जरूरतमंद और बीमार व्यक्ति की मदद करना होती है, लेकिन यहां स्थिति इसके उलट है। आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर स्वास्थ्य सुविधाओं में कटौती की जा रही है। जहां एक ओर केंद्र सरकार देश में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का कार्य कर रही है, वहीं हिमाचल में सुक्खू सरकार 75 लाख लोगों से नि:शुल्क जांच का अधिकार छीनने पर तुली हुई है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का तथाकथित वित्तीय अनुशासन केवल गरीबों और मरीजों पर ही लागू होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में सरकार ने अधिकारियों को इंटरनेट भत्ता देने, अपने करीबी मित्रों को बोर्ड-निगमों में अध्यक्ष बनाने और सलाहकारों की फौज खड़ी करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। पंचायत चुनाव समय पर न करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया और असंवैधानिक सीपीएस को बचाने के लिए करोड़ों रुपये वकीलों पर खर्च किए गए, लेकिन मरीजों के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा देने में सरकार के हाथ कांप रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे पहले भी हिम केयर जैसी स्वास्थ्य योजना को बंद कर दिया गया, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही थी। इसके चलते लोगों को इलाज के लिए कर्ज लेने तक की नौबत आ गई। अब केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही नि:शुल्क जांच सुविधाओं को भी बंद करने और अन्य जांचों की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया जा रहा है, जो पहले से ही बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए किसी बड़े आघात से कम नहीं है।
धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इंटर जोनल कबड्डी प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर जय राम ठाकुर ने विश्वविद्यालय प्रशासन और खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिस प्रकार आयोजन किया गया, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कबड्डी वर्ल्ड कप चैंपियन हिमाचल की बेटियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय विश्वविद्यालय को पर्याप्त संसाधन और सहयोग मिले तो यह संस्थान शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद सुक्खू सरकार द्वारा एफएआर के 32 करोड़ रुपये जमा न किए जाने के कारण विश्वविद्यालय के स्थायी कैंपस का निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
इसके अलावा जिला कांगड़ा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित मंडल कार्यक्रम में शामिल होकर जय राम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पण ही भाजपा की असली ताकत है। कार्यक्रम के दौरान कांगड़ा के सांसद राजीव भारद्वाज के जन्मदिवस पर केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।
जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सुक्खू सरकार की नाकामियों और जनविरोधी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश का आम आदमी सरकार के तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन का दर्द क्यों झेले। आने वाले समय में जनता सच्चाई को समझेगी और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को जवाब देगी।
