शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के फैसले पर राजकीय अध्यापक संघ ने चिंता जताई है। संघ का कहना है कि शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रखने से विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में संघ ने मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार एक ओर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दे रही है, जबकि दूसरी ओर शिक्षकों को विभिन्न प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना के पहले चरण में कई विद्यालयों के प्रमुख विषयों के अध्यापकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित होने की आशंका है।संघ के अनुसार, हाल ही में शिक्षकों ने चुनाव संबंधी दायित्व भी निभाए थे और अब जनगणना कार्य में उनकी तैनाती की गई है। ऐसे में शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर लगाया गया है, जिससे कक्षाओं के संचालन और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है।अध्यापक संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराया जाए और गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाए। संघ का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसी नीतियां बनाई जानी चाहिए, जिससे स्कूलों में पढ़ाई की निरंतरता बनी रहे।
