शिमला, 13 फरवरी-मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि सीबीएसई से संबद्ध किए जा रहे सरकारी स्कूलों में चयनित शिक्षकों का उनके मूल कैडर में अधिकार (लियन) सुरक्षित रखा जाए, ताकि उनके पदोन्नति के अवसरों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
आज यहां शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से 140 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 99 स्कूलों को संबद्धता प्रदान की जा चुकी है, जबकि शेष स्कूलों के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति के लिए सेवा शर्तों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। शेष सेवा अवधि की अनिवार्यता को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि योग्य अधिकारियों की नियुक्ति सुगम हो सके। उन्होंने कहा कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों का अलग लोगो और निर्धारित वर्दी रंग योजना होगी, जिससे उनकी विशिष्ट पहचान स्थापित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं इन स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे। साथ ही, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।बैठक में ‘नो मोबाइल फोन नीति’ के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जिसे एक मार्च से लागू किया जाना है। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान राजेश शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित
