मंडी, धर्मवीर-:केंद्र सरकार द्वारा गत वर्ष लागू किए चार नए श्रम कोड के विरोध में मजदूर और किसान संगठनों के राष्ट्रीय आहवान पर आज देश भर में धरना प्रदर्शन किए गए। इसी कड़ी में मंडी जिला मुख्यालय पर भी विरोध प्रदर्शन और रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और सीटू के जिला सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कोड पूरी तरह से मजदूर विरोधी हैं। इन्हें तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाना चाहिए। मजदूरों को 30000 न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए। आंगनवाड़ी, मिड डे मील व अन्य योजना कर्मियों को नियमित करके उन्हें सरकारी कर्मचारी की सुविधा दी जाए। इन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर इनकी मांगों को नहीं माना गया तो फिर आने वाले समय में अनिश्चितकालीन की जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन में बहुत से अस्थाई कर्मियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर अपनी मांग भी सरकार से रखी। जिसमें ग्रेच्युटी को लागू और मनरेगा को बहाल करके, सार्वजनिक क्षेत्र का विनिवेश बंद, सार्वजनिक सेवाओं का व्यापारीकरण और निजीकरण बंद किया जाए। आउटसोर्स, ठेका, कैजुअल, सेवा मित्र, मल्टी टास्क मजदूरों के रेगुलर रोजगार हेतु नीति बनाई जाए। मजदूरों की 12 घंटे की ड्यूटी, फिक्स टर्म रोजगार व महिलाओं को रात्रि शिफ्ट ड्यूटी के आदेश वापस लिए जाएं। स्मार्ट मीटर योजना वापस लो बिजली का निजीकरण बंद करो। 102 और 108 कर्मियों को नियमित किया जाए। स्ट्रीट वेंडर एक्ट को लागू करो।
