हमीरपुर : अरविन्द सिंह ( TSN)- जंगलों सहित रिहायशी इलाकों में लगने वाली आ*ग कैसे समय पर बुझेगी जब हमीरपुर जिला में पर्याप्त वाटर हाइड्रेंट ही नहीं हैं। वाटर हाइड्रेंट की भारी कमी हमीरपुर में चल रही है। जरूरत के अनुरूप बहुत कम वाटर हाइड्रेंट हैं जिनसे किसी तरह दमकल विभाग ने काम चला रखा है। वर्तमान में हमीरपुर जिला में विभिन्न जगहों पर स्थापित 33 वाटर हाइड्रेंट में से नौ वाटर हाइड्रेंट वर्किंग में नहीं हैं। ऐसे में मात्र 24 वाटर हाइड्रेंट से ही काम चलाया जा रहा है। हालांकि जिला में वाटर हाइड्रेंट की संख्या 100 से भी अधिक होना चाहिए।
वाटर हाइड्रेंट की कमी की वजह से ही दमकल विभाग को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि आग पर काबू पाने के दौरान गाड़ियों में पानी भरना हो तो दूर दराज क्षेत्र में स्थित वाटर हाइड्रेंट तक पहुंचना पड़ता है। बेशक दमकल विभाग आगजनी से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है लेकिन दूर दराज क्षेत्र में वाटर हाइड्रेंट होना आगजनी पर काबू पानी में देरी होने का मुख्य कारण बन रहा है। बता दे कि वर्तमान में हमीरपुर शहर में सात वाटर हाइड्रेंट हैं जोकि वर्किंग में हैं। इसके साथ ही भोरंज में मात्र एक वाटर हाइड्रेंट से काम चलाया जा रहा है। सुजानपुर में स्थापित 13 में से 12 वाटर हाइड्रेंट कार्य कर रहे है जबकि एक वर्किंग में नहीं है। वहीं बड़सर में मात्र एक वाटर हाइड्रेंट का ही सहारा है। इसके साथ ही नादौन में स्थापित किए गए 11 वाटर हाइड्रेंट में से मात्र तीन ही वर्किंग में है जबकि आठ काम नहीं कर रहे हैं। वाटर हाइड्रेंट की कमी की बात दमकल विभाग की तरफ से उच्च स्तर तक पहुंचा दी गई है। दमकल विभाग ने हमीरपुर जिला में विभिन्न जगहों पर 146 वाटर हाइड्रेंट लगाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। विभाग की तरफ से जगह भी आईडेंटिफाई कर ली
फायर केंद्र हमीरपुर के अधिकारी का कहना ये
फायर केंद्र हमीरपुर के अधिकारी राजेंद्र चौधरी का कहना है कि जिला में पर्याप्त वाटर हाइड्रेंट नहीं हैं। इसलिए सरकार को वाटर हाइड्रेंट की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जिला में 146 वाटर हाइड्रेंट नए स्थापित करने के लिए प्रपोजल भेजी गई है। यदि सरकार की तरफ से वाटर हाइड्रेंट की संख्या को बढ़ाया जाता है तो फायर केस पर काबू पाने में सुगमता होगी।
