दिल्ली (एकता): भारत में आमतौर पर कई ऐसे फल पाए जाते हैं, जो कि देखने में भी अनोखे होते हैं। यह काफी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इतना ही नहीं यह कई समस्याओं को दूर भी करते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक फल के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि आपने आप में भी काफी अनोखा और स्वादिष्ट है। शायद ही आपने इस फल का नाम सुना होगा। इस फल का नाम है ‘रामबूटन‘। जी हां, आप हम आपको इसके ढेर सारे फायदे बताएंगे। ये एक ऐसा फल है जो आपको देखने पर तो लीची जैसा ही लगेगा लेकिन वह सबसे अलग है। क्योंकि यह फल मार्केट में बेहद कम मिलता है। इस फल के बारे में काफी लोग नहीं जानते। ऐसा माना जाता है कि ये शरीर के कई दिक्कतों को दूर कर सकता। जो वजन कम करने से लेकर हड्डियों को मजबूत करता है। आइए जानते हैं इसके फायदे।

रामबून से सेहत को मिलने वाले अनेक फायदे
रामबूटन विटामिन और खनिज पदार्थ का बहुत ही अच्छा स्रोत है। इससे डायबिटीज का भी इलाज किया जा सकता है। इसके फायदे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे।
1. रामबूटन में एंटीऑक्सीडेंट की काफी अच्छी मात्रा पाई जाती है। खास बात यह है कि यह कैंसर को बढ़ने से रोकता है। रामबूटन के छिलके कैंसर कोशिकाओं के विकास को धीमा कर सकते हैं।
2. हड्डियों को मजबूत बनाने में भी यह काफी फायदेमंद है। इसका सेवन करने से बोन डेंसिटी को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा इसमें एंटी ऑस्टियोपोरोसिस गुण भी होते हैं।
3. रामबूटन खाने से शरीर को Energy भी मिलती है। इसमें कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं।
4. यह Resistance Capacity बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। यह एक जरूरी पोषक तत्व है।
5. रामबूटन कब्ज को भी दूर करने का नुस्खा है। जिन लोगों को इसकी समस्या रहती है, वह इस फल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा ये पाचन तंत्र के लिए लाभदायक है।
6. इस फल के छिलके में डायबिटीज से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं। इस हिसाब से यह डायबिटीज के लिए भी फायदेमंद है।
7. खास बात यह है कि यह फल पुरुषों के लिए काफी फायदेमंद है।
रामबूटन फल क्या है
रामबूटन फल यानी नेफेलियम लैपेसियम दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाना वाला सैपिन्डेसी फैमिली का फल है। इसी परिवार में लीची और लोंगन जैसे फल भी आते हैं। इसकी अलग बनावट होती है। हमारे देश में भी रामबूटन की कई किस्में होती हैं।

रामबूटन फल कैसा होता है?
रामबूटन पहले हरे रंग का होता है, फिर पकने पर लाल, नारंगी या पीले रंग में बदल जाता है। जब रामबूटन को ताजा तोड़ा जाता है तो बाल जैसे “कांटे” हरे होते हैं, लेकिन कांटे काले होने के बाद, फल कम से कम कुछ दिनों तक अच्छा रहता है।
