भावना,अंबाला(TSN): शनिवार से छठ पर्व की शुरआत हो गई हैं। महिलाए अपने आस पास के तालाब,नदी में जाकर पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य की पूजा कर रही है पर अंबाला की घग्गर नदी में इस पर्व की पूजा के लिए आने वाले लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं। एक तरफ जहां घाट की सफाई छठ पूजा कमेटी की ओर से अपने स्तर पर करवाई जा रही है, तो दूसरी तरफ नदी में पानी में जहरीली झाग तैरती दिखाई दे रही हैं,जो लोगो के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकता हैं। जनता ने भी प्रशासन से इस और ध्यान देने की अपील की हैं।
छठ पर्व सूर्यदेव और षष्ठी मैया को समर्पित होता हैं। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जाता हैं। व्रत के दौरान महिलाएं अपने आस पास के तालाब, नदी या घाट पर जाकर पानी में खड़ी होकर भगवान सूर्य की पूजा करती हैं।अंबाला के पास लगती घग्गर नदी पर भी छठ पर्व मानने की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। घाट की सफाई की जा रही है लेकिन नदी में आ रहा फैक्ट्री का केमिकल लोगों की आस्था और सेहत दोनों के साथ खिलवाड़ कर रहा हैं।
इस बारे में घाट की सफाई कर रहे लोगों ने बताया की छठ पर्व वह धूमधाम से मनाते है और लोगों की आस्था इसके साथ जुड़ी हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिलता हैं। वह अपने स्तर पर घाट बनाकर नदी के किनारे सफाई करते हैं, महिलाओं के लिए टेंट लगाए जा रहे हैं लेकिन नदी में आ रहा फैक्ट्री का गंदा पानी और केमिकल उनकी चिंता का कारण बना हुआ हैं।
इसकी वजह से जब महिलाएं पानी में पूजा करने जाएगी तो उन्हें काफी नुकसान हो सकता हैं। वह बीमार हो सकती हैं,उन्हें स्किन से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन को इस और ध्यान जरूर देना चाहिए और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ होने से रोकना चाहिए।
