मटर की खेती से ऐसे करें बंपर कमाई, कम समय में तैयार होने वाली खेती का जानिए आसान तरीका

दिल्ली (एकता): अगर हम दलहनी (Pulses) सब्जियों के बारे में बात करें तो सबसे पहले नंबर पर सब्जी मटर का नाम आता है। यह खेती सर्दियों के मौसम में दुनिया भर में की जाती है। देश में मटर का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। हालांकि इसकी मांग साल भर रहती है। वैसे तो लोगों को इसकी खेती अक्टूबर-नवंबर में करनी चाहिए। इसका सेवन सब्जी के साथ-साथ दाल के रूप में भी किया जाता है। यह कई किस्मों के आधार पर की जाती है। मटर एक दलहनी फसल है और इस समय इसकी खेती काफी फायदेमंद है। इस खेती में बीज के अंकुरण के लिए औसतन 22 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। आप एक सीजन में इसकी फसल से लगभग 3 से 4 लाख रुपए तक की कमाई बड़े ही आसान तरीके से कर सकते हैं।


जानिए कैसे करें Pea Farming 

मटर की खेती से पहले खेत की अच्छे से Plowing करना जरूरी है। क्योंकि इसके लिए मिट्टी में नमी की Necessary जरूरी होती है। मिट्टी तैयार करते समय उसमें गोबर की खाद डालें। इसके लिए 30 कि.ग्रा. नाइट्रोजन, 60 कि.ग्रा. फास्फोरस, 40 किलोग्राम पोटाश दिया जा सकता है। खेती के लिए नम एवं ठंडे पानी और हवा की जरूरत होती है। ध्यान रखें कि अम्लीय मिट्टी मटर के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं होती।


अच्छी किस्में

मटर की खेती में कई अच्छी किस्में भी होती हैं। आजाद पी1, बोनविले, जवाहर मटर आदि शामिल हैं। इसके अलावा जेएम6, प्रकाश, केपी एमआर400, आईपीएफडी 99-13 भी उत्पादन की दृष्टि से अच्छी किस्में हैं।

जानें क्या है बुआई का सही समय

मटर की खेती के लिए बुआई का सही समय भी होना जरूरी होता है। बीज के अंकुरण के लिए औसतन 22 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। इसका सही समय मध्य अक्टूबर से नवम्बर के पहले हफ्ते तक होता है। कई लोग इसकी बुआई दिसंबर के पहले हफ्ते तक ले सकते हैं।

ऐसे करें बीज रोपण

मटर के बीज रोपण के लिए सबसे पहले थीरम 2 ग्राम या मैकोनजेब 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज को उपचारित करना चाहिए। इसको पानी में भिगोकर सुखा लेना चाहिए।

जानिए कब करनी चाहिए सिंचाई 

इस खेती के लिए सिंचाई भी जरूरी है। इसके लिए मिट्टी में नमी का होना काफी मायने रखता है। हमेशा पहली सिंचाई फूल आने के समय और इसके बाद दूसरी सिंचाई फली बनाने पर करनी चाहिए।

Pea Farming से करें ऐसे कमाई  

सूत्रों के मुताबिक मटर उत्पादन से किसान लाखों की कमाई कर सकता है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर 120 से 150 क्विंटल फलियों की पैदावार होती है। किसान इसको 30 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बाजार में बेचते हैं। अगर इसमें से 1 लाख रुपए की लागत हटा दें तो फसल से 3.50 लाख रुपए का Pure Profit होता है।

Ekta TSN

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