करनाल (एकता): आज के कलयुग में इंसानियत और मानवता जैसी चीजें बहुत कम देखने को मिलती है। ऐसी ही एक इंसानियत की मिसाल हरियाणा के करनाल में रहने वाले 25 साल के कर्ण के पिता ने कायम की है। बता दें कि उसके एक फैसले ने लोगों के दिलों में जगह बना ली। मीडिया सूत्रों के अनुसार 25 साल का कर्ण सब्जी की रेहड़ी लगाकर अपना परिवार चलाता था। पिछले कुछ समय से वह बीमार रह रहा था जिसके कारण उसने दम तोड़ दिया। खास बात यह है कि उसके पिता ने पहले जन सेवा दल के सहयोग से अपने बेटे की आंखों को दान किया, ताकि किसी की बेरंग दुनिया में रंग भरे जा सके। लेकिन जो फैसला उसके पिता ने बाद में लिया उससे हर कोई हैरान था। हर कोई उनकी तारीफ करने को मजबूर है।
जानकारी के मुताबिक कर्ण के पिता ने अपने 24 साल के बेटे की पूरी बॉडी को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स के लिए डोनेट कर दिया। ताकि वो बच्चे इस बॉडी के जरिए से अपनी पढ़ाई और प्रैक्टिस कर सके। ऐसा पुण्य जिंदगी में हर कोई नहीं करता। गौरतलब है कि किसी भी प्रकार के अध्यन के लिए केवल वहीं बॉडी डोनेट होती है जिसका पोस्टमार्टम नहीं होता। इसी तरह से कर्ण की बॉडी का भी कोई पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि करनाल यानी दानवीर कर्ण का शहर है। जिसे हम आज सब करनाल के नाम से जानते हैं। कर्ण एक महान योद्धा होने के साथ दानवीर भी थे। आज ऐसा ही दानवीर एक बार फिर से 21वीं सदी के कर्ण के बने हैं। जो जिंदगी से तो जंग हार गए लेकिन वह लोगों के दिलों में हमेशा अमर रहेंगे।
