करनाल(TSN): त्योहारों की नजदीक आते ही देश भर के बाजार अब सजावटी सामान से सजना शुरू हो गए हैं। वहीं बाजारों की रौनक भी देखते ही बन रही हैं। बाजारों में अन्य सामान के अलावा जगमगाती लाइट वाली लड़ियों की भी काफी भरमार हैं। वहीं इस बार त्योहारों पर घर की सजावट स्वदेशी उत्पादों से हो इसको प्राथमिकता दी जा रही हैं। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के लोकल फ़ॉर वोकल के नारे को धरातल पर साकार करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन सेवा भारती ने दीपावली पर घरों को स्वदेशी रोशनी से जगमग करने का अभियान शुरू किया हैं।
इसी के तहत सेवा भारती संस्था ने करनाल में स्वदेशी लाइट , झालरें और एलईडी बल्ब तैयार किए हैं। ये लाइट झालरें और बल्ब चाइनीज सामान की तुलना में अच्छी क्वालिटी का और सस्ता हैं। दीवाली हो या अन्य कोई त्यौहार, देश के बाजारों में चाइनीज सामान सज जाते हैं। इससे न केवल लोगों की जेब खाली हो रही है, बल्कि देश के आर्थिक हालात पर भी असर पड़ रहा हैं। अब सेवा भारती ने स्वदेशी सामान को प्रोत्साहित करने के साथ दीपावली पर घरों में राेशनी के लिए स्वदेशी लड़ियों का निर्माण किया हैं।
खास बात यह है कि इन लड़ियों का निर्माण अधिकतर सेवा बस्ती और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं कर रही हैं। महिलाओं के करीब 34 समूह व स्थानों पर इन लड़ियों का निर्माण करते हैं जिसके बाद इन्हें गत्ते के डिब्बो में पैक कर दूसरे स्थानों पर भेजा जाता हैं। सेवा भारती करनाल के व्यवस्था प्रमुख राममेहर ने बताया कि बिजली की इन झालरों का निर्माण सेवा श्री आश्रम करनाल में किया जा रहा हैं। भविष्य में इसे राज्य के अन्य जिला केंद्रों तक भी करने का इरादा हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न रंगों की 20 हजार लड़ियों का निर्माण किया जा चुका हैं जिन्हें हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के दूसरे जिलों में भेजा जा रहा हैं। सेवा भारती के कौशल केंद्र में तैयार बिजली की झालर की एक लड़ी 40 बल्व की बनाई गई हैं। इस लड़ी में सारी सामग्री स्वदेशी ही उपयोग की गई हैं। इन लड़ियों को तैयार करने के लिए सेवा बस्तियों के लोगों विशेषकर महिलाओं की मदद ली जा रही हैं। इससे उन्हें रोजगार तो मिल ही रहा है वहीं, चाइनीज सामान से हटकर स्वदेशी लड़ियों से लोगों के घर रोशन करने की तैयारी हैं।
उन्होंने बताया कि इन लड़ियों की खास बात यह है कि अगर एक बल्ब बंद भी हो जाए तो भी लड़ी जलती रहती है और कई सालों तक खराब नहीं होती। बिजली झालरों के साथ ही सेवा भारती की ओर से दीपावली से संबंधित दियों और अन्य सामान भी तैयार किया जाता हैं।
संस्था के ही ओमप्रकाश अत्रेजा ने कहा कि सेवा भारती संस्था शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ स्वावलंबन के लिए काम करती हैं। संस्था की ओर से चाइनीज सामान से मुकाबले के लिए बिजली की झालर और अन्य सामान को नो प्रॉफिट नो लॉस के साथ बेचा जा रहा हैं। इससे न केवल लोगों के घर स्वदेशी झालरों से रोशन तो होंगे ही, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिल रहा हैं।
लड़ियां बनाने वाली महिलाओं ने कहा कि इससे उन्हें रोजगार मिल रहा है और अब वे आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां अनेक महिलाएं लड़ियां बनाने का काम करती हैं जो बाजार में मिलने वाली विदेशी लड़ियों से काफी सस्ती और मजबूत होती हैं। इससे उन्हें प्रतिदिन काफी बचत हो जाती है और उन्हें अपने घरेलू खर्चों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता
