Shimla,20 November-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र का औपचारिक जवाब वापस भेज दिया है,जिसमें स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत 8 अक्तूबर 2025 को जारी आदेश को अभी वापस लेना संभव नहीं है।मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि सरकार ने आयोग की आपत्ति और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया है तथा सभी जिलों और संबंधित विभागों से विस्तृत फीडबैक भी लिया गया है।
सरकार के अनुसार फिलहाल राज्य के कई क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं,पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं और विद्युत लाइनों के मरम्मत कार्य तेज़ी से जारी है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों का पूरा फोकस राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर केंद्रित है।मुख्य सचिव ने बताया कि प्रशासनिक मशीनरी को प्रभावित इलाक़ों में आवश्यक सेवाओं की बहाली,राहत सामग्री के वितरण और पुनर्निर्माण गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ज़रूरतमंदों तक सहायता बिना देरी पहुंचे।सरकार का कहना है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए डिज़ास्टर एक्ट के तहत जारी आदेश को अभी हटाना उचित नहीं होगा,क्योंकि इससे राहत कार्य बाधित हो सकते हैं। जैसे ही हालात सामान्य स्तर पर पहुंचेंगे और बुनियादी ढांचे की बहाली पूरी होगी, आदेश को वापस ले लिया जाएगा।
उधर, राज्य निर्वाचन आयोग का मत है कि प्रदेश में स्थितियां अब सामान्य हो चुकी हैं। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि कई जिलों में पारंपरिक मेले आयोजित हो रहे हैं,स्कूल नियमित रूप से संचालित हैं और सामान्य जनजीवन भी पटरी पर लौट आया है।आयोग का यह भी कहना था कि डिज़ास्टर एक्ट के तहत जारी आदेश शासन के अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लागू किया गया है,इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।हालांकि सरकार ने स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने और समय-समय पर समीक्षा जारी रखने का आश्वासन दिया है।
