चंबा, मंजूर पठान -:चंबा जिले के खज्जियार में विकसित “मिस्टिक विलेज” आज पारंपरिक गद्दी संस्कृति को संरक्षित करने और उसे नई पहचान देने का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी संजोने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
यहां आने वाले पर्यटकों को गद्दी समुदाय के रहन-सहन, पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान और लोक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलता है। मिस्टिक विलेज में आयोजित लोक नृत्य, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक झलक पेश करते हैं, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।ग्रामीण जीवनशैली का वास्तविक अनुभव भी इस स्थान की खासियत है, जिससे पर्यटक प्राकृतिक और सांस्कृतिक वातावरण का आनंद एक साथ ले पाते हैं।इस पहल को वर्ष 2018 में “बेस्ट टूरिज्म विलेज अवॉर्ड” के तहत सिल्वर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है।मिस्टिक विलेज न केवल एक पर्यटन स्थल है, बल्कि यह सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास भी है।
