राहुल चावला,धर्मशाला ( TSN)– हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जनपद कांगड़ा में इस बार लोगों की सूझबूझ और जागरूकता ने समूचे प्रदेश भर में आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सफलता हासिल की है.पिछले साल जहां जिला कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में कई तरह की संपत्ति आगजनी का शिकार हो गई थी, इस बार वहीं आंकड़ा अब लाखों में पहुंच गया है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार जनवरी माह से लेकर अब तक कांगड़ा में महज़ 132 ही मामले आगजनी के सामने आये हैं.जिसमें 1 करोड़ 95 लाख 82 हजार रुपये का नुकसान हुआ है.जबकि 50 करोड़ 58 लाख 30 हजार की संपत्ति को लोगों की सूझबूझ और जागरूकता की बदौलत बचा ली गई है.इस साल कांगड़ा के हजारों घरों में से महज़ 6 घरों में ही आगजनी की घटना सामने आई तो वहीं 108 मामले जंगलों में आग के रिकॉर्ड किये गये, 12 गाड़ियां आग की भेंट चढ़ीं दो मामले इलैक्ट्रिक प्रॉपर्टी के रहे इसके अलावा आगजनी के बीचोंबीच से 8 जानवरों को भी रेस्क्यू करने में अग्निशमन विभाग ने कांगड़ा जनपद में सफलता हासिल की.
आगजनी के ज्यादातर मामले दिवाली या इसके आसपास आए सामने
काबिलेगौर है कि सालभर में आगजनी के ज्यादातर मामले दिवाली या इसके आसपास सामने आते हैं.खास तौर पर दिवाली वाले दिन तो इनकी संख्या में एकाएक इज़ाफा हो जाता है, मगर इस बार धर्मशाला रीज़न में सिर्फ चीलगाड़ी में ही एक आगजनी का मामला सामने आया है जिसमें लोगों की जागरूकता और फायर ब्रिगेड टीम की सतर्कता ने तुरंत कार्रवाई करते हुये इस घटना में 30 लाख के करीब प्रॉपर्टी को जलने से तुरंत बचा लिया है जबकि इस घटना में 30 हजार रुपये का ही आंशिक नुकसान का आकलन किया गया है.इसके अलावा पालमपुर और शाहपुर में भी एक एक मामला सामने आया है जिसमें पालमपुर में दो लाख का नुकसान हुआ है जबकि 7 लाख रुपये की प्रॉपर्टी को फायर ब्रिगेड ने बचा लिया है तो वहीं शाहपुर में 3 लाख रुपये की प्रॉपर्टी आग की भेंट चढ़ गई है और इसमें फायर बिग्रेड ने करीब पांच लाख रुपये का बचाव किया है.
जिला अग्निशमन अधिकारी केसी कश्यप ने दी ये जानकारी
जिला अग्निशमन अधिकारी केसी कश्यप ने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीमें 24सौं घंटे हमेशा लोगों की सहूलियत के लिये तैयार रहती है…और अब लोग भी जागरूक होने लगे हैं इसके चलते कांगड़ा में पिछले साल की अपेक्षा इस साल आगजनी की घटनाएं बेहद कम सामने आई हैं या जो आई हैं वो न के बराबर थीं और उसमें भी विभाग और लोगों की सतर्कता ने जान और माल के बचाव में अपनी अहम भूमिका निभाई है.
