Lahul spiti,24 September-पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने लाहौल-स्पीति जिले के विभिन्न आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएँ सुनीं।इस दौरान वे केलॉंग सहित कई गांवों तक गए और खेतों में जाकर किसानों को हुए भारी नुकसान का जायज़ा लिया।
सरकार आपदा से अनजान,लोग मुसीबत में
जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा ने लाहौल घाटी में व्यापक तबाही मचाई है,लेकिन सरकार ने आँखें मूँद रखी हैं।खेतों में तैयार गोभी और मटर की फसल सड़ रही है क्योंकि सड़कें बंद हैं और किसान अपनी उपज बाज़ार तक नहीं पहुँचा पा रहे। इससे लाखों का नुकसान हो चुका है और महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।उन्होंने कहा कि लिंडूर गांव धंस रहा है और कई घर खतरे में हैं।हालिंग गांव में दर्जनों घरों की ज़मीन बह चुकी है।सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे वरना पूरे गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रभावितों की समस्याओं को वे केंद्र और राज्य सरकार तक पहुँचाएँगे। यदि मौजूदा सरकार मदद नहीं करती,तो भी लोग अपने दस्तावेज़ दुरुस्त रखें ताकि भविष्य में भाजपा सरकार आने पर उचित राहत पहुँचाई जा सके।
केंद्र ने भेजी मदद,राज्य सरकार खर्च कर रही कहीं और
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हिमाचल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया गया है। इसके अलावा 5500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता पहले ही दी जा चुकी है।लेकिन राज्य सरकार प्रभावितों तक राहत पहुँचाने के बजाय यह धन अन्य कार्यों पर खर्च कर रही है।
सीमेंट और डीज़ल के दामों पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमेंट पर टैक्स घटाकर लोगों को राहत दी है,जबकि सुक्खू सरकार ने अतिरिक्त गुड्स टैक्स लगाकर दाम बढ़ा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीज़ल पर वैट बढ़ाने से भी प्रदेश की जनता को महँगाई का बोझ उठाना पड़ रहा है।
एचपीटीडीसी कर्मचारियों का वेतन संकट
जयराम ठाकुर ने कहा कि 24 तारीख होने के बावजूद एचपीटीडीसी के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, जबकि सरकार दावा कर रही है कि निगम ने इस वर्ष 107 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निगम लाभ में है तो कर्मचारियों की तनख्वाह क्यों नहीं दी जा रही?
