सोनीपत(TSN): दिल्ली सहित देश के कुछ प्रदेशों में बढ़ता प्रदूषण बड़ी परी समस्या बनता जा रहा हैं। ज़हरीली हवा में सांस तक लेना मुश्किल हो गया हैं।
दिल्ली के साथ ही हरियाणा की जहरीली हवा ने स्कूली बच्चों को भी तकलीफ देना शुरू कर दिया हैं। बढ़ता हुआ प्रदूषण बच्चों की पढ़ाई को बाधित कर रहा हैं। कक्षा में पढ़ाई करने के दौरान बच्चों की आंखों से पानी टपक रहा हैं। आंखों में जलन के साथ-साथ गले में भी खराश उत्पन्न हो रही हैं। दिल्ली की तुलना में सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स 455 हैं जबकि दिल्ली में जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 407 हैं।
दिल्ली में बढ़ते हुए प्रदूषण को लेकर प्राइमरी तक स्कूलों को बंद कर दिया गया हैं, लेकिन सोनीपत में पॉल्यूशन के जहर को छोटे-छोटे बच्चे झेल रहे हैं। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे क्लास में पढ़ने के दौरान परेशानी महसूस कर रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों ने बताया कि पढ़ाई करने के दौरान आंखों में जलन होती है और पुस्तक में ज्यादा देर तक पढ़ाई करने के दौरान जलन के कारण आंखों से पानी भी निकल रहा है.. छोटे-छोटे बच्चों के गले में भी अब दिक्कत परेशानी होनी शुरू हो गई हैं।
बढ़ता हुआ पॉल्यूशन बीमारी का मुख्य कारण बन रहा हैं छोटे-छोटे बच्चे क्लास में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। जहां दिल्ली में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है तो वहीं सोनीपत में अभी तक ऐसा कोई नियम लागू नहीं हुआ हैं। छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता समझते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली एनसीआर में प्राइमरी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं और जहां सोनीपत में दिल्ली से ज्यादा प्रदूषण होने के बावजूद भी अभी कोई भी एक्शन नहीं लिया गया हैं।
स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि पॉल्यूशन के कारण बच्चे क्लास में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कुछ बच्चों की आंखों में पानी आता है तो कुछ बच्चे निमोनिया से ग्रस्त होने के कारण पॉल्यूशन में सांस लेने में तकलीफ होती हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे नाक से सांस लेने में भी दिक्कत महसूस कर रहे हैं। अध्यापिका सोनम ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई करवाने के दौरान उन्हें भी तकलीफ हो रही हैं। जलन के कारण बच्चे नोटबुक भी ढंग से नहीं पढ़ पा रहे हैं।
