शिमला-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान घोषणा की कि प्रदेश में 1 जून से 20 अगस्त तक “चिट्टा मुक्त अभियान फेज-2” चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज को चिट्टे जैसी खतरनाक लत से बचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चिट्टे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें DC, ADC, SP, ASP और DSP स्तर के अधिकारी सीधे लोगों के बीच जाकर नशे के खिलाफ संदेश देंगे। सरकार का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी से भी इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देना समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है।सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दिसंबर 2022 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश के लोगों ने चिट्टे को सबसे गंभीर समस्या बताया था। इसके बाद जनवरी 2023 में सरकार ने PIT NDPS एक्ट लागू किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने इस कानून को लागू करने में गंभीरता नहीं दिखाई, जबकि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 15 सितंबर 2025 को रिज मैदान से शुरू हुई एंटी चिट्टा वॉकथन अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि स्पेशल टास्क फोर्स लगातार कार्रवाई कर रही है और प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है जहां पंचायतों को चिट्टे के प्रभाव के आधार पर रेड, येलो और ग्रीन श्रेणियों में बांटा गया है। प्रदेश की 3600 पंचायतों में से 234 पंचायतें चिट्टे से प्रभावित पाई गई हैं।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार NDPS एक्ट के तहत अब तक 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के मुकाबले 33 प्रतिशत अधिक हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। PIT NDPS एक्ट के तहत 174 तस्करों को हिरासत में लिया गया है और कई आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में इस एक्ट के तहत हुई कुल कार्रवाई में हिमाचल की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत रही है, जो राज्य की सक्रियता को दर्शाती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस विभाग के 21 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके साथ ही 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की गई है और 17 संपत्तियों पर बेदखली की कार्रवाई भी की गई है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बेहतर कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया। शिमला के SP गौरव सिंह, ASP STF रेणु शर्मा और अधिकारी पारुल नानटा को चिट्टे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि यदि उनके बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं तो वे बिना डर 112 नंबर पर जानकारी दें। ऐसे युवाओं को गिरफ्तार करने के बजाय उनका पुनर्वास कराया जाएगा। साथ ही प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों का चिट्टा टेस्ट भी किया जाएगा, ताकि युवाओं को समय रहते नशे से दूर रखा जा सके।
