करनाल : आस्था, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब करनाल में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर जिला स्तरीय “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” भव्य रूप से मनाया गया।श्री सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमनाथ मंदिर से देशभर के श्रद्धालुओं से लाइव जुड़े। पूरे परिसर में “हर हर महादेव” और “जय सोमनाथ” के जयघोष गूंजते रहे तथा वातावरण भक्ति और राष्ट्रगौरव से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
भगवा रंग में रंगा मंदिर परिसर :
श्री सनातन धर्म मंदिर को भगवा ध्वजों, फूलों और धार्मिक सजावट से भव्य स्वरूप दिया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में पहुंचे। भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। श्रद्धालुओं में प्रधानमंत्री को लाइव सुनने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
सोमनाथ भारत के स्वाभिमान का प्रतीक :
मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान, संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक बार आक्रमण झेलने के बावजूद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय संस्कृति की अटूट शक्ति और सनातन परंपरा की जीवंतता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर देश की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, जिसने हर कठिन दौर में देशवासियों को एकजुट रखने का कार्य किया।
संस्कृति से जुड़कर ही मिलेगा नया भारत :
हरविंदर कल्याण ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले हजार वर्षों में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण केवल एक मंदिर पर नहीं बल्कि भारत की आस्था और संस्कृति पर हमले थे। आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल और राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, जो आज भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक बनकर खड़ा है।
वैश्विक संकटों के बीच प्रधानमंत्री का संदेश :
एक सवाल के जवाब में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि चाहे कोरोना काल हो या वैश्विक संकट की परिस्थितियां, प्रधानमंत्री समय-समय पर देशवासियों को मार्गदर्शन देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई देशों के बीच तनाव और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिसका असर तेल और गैस की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों को संयम और सजगता का जो संदेश दिया गया है, उस पर अमल करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश को भविष्य के संकटों से बचाने के लिए संसाधनों के उपयोग में संतुलन और समझदारी जरूरी है।
प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन बना आकर्षण का केंद्र :
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर से लाइव संबोधन करते हुए देशभर में आयोजित आयोजनों से जुड़े श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में सोमनाथ मंदिर की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। प्रधानमंत्री के संबोधन को श्रद्धालुओं ने बेहद उत्साह और श्रद्धा के साथ सुना।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह और गौरव :
कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के गौरव और आस्था का जीवंत प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, इतिहास और सनातन परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रधानमंत्री को लाइव सुनना उनके लिए गर्व का क्षण रहा और पूरा वातावरण भक्ति तथा राष्ट्रभक्ति से सराबोर दिखाई दिया।
जयघोषों के बीच हुआ समापन :
कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्र और समाज की समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई। “हर हर महादेव” और “जय सोमनाथ” के गगनभेदी जयघोषों के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय ऊर्जा से भर उठा और करनाल में आयोजित यह पर्व श्रद्धा, स्वाभिमान और सांस्कृतिक एकता का एक अविस्मरणीय प्रतीक बन गया।
