Delhi,3 December-:हमीरपुर लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज लोकसभा में हिमाचल प्रदेश में चल रही रेलवे परियोजनाओं में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समयबद्ध सहयोग न मिलने के कारण कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।रेल मंत्रालय द्वारा सदन में दिए गए लिखित उत्तर में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि,भूमि और अनुमतियाँ समय पर उपलब्ध न कराए जाने से प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं।
ठाकुर ने बताया कि भानुपली-बिलासपुर-बेरी नई रेल लाइन, जिसे केंद्र और राज्य के बीच साझा लागत पर मंजूरी मिली थी,पर अब तक ₹5,252 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं. इसके बावजूद राज्य का ₹1,843 करोड़ का हिस्सा अभी तक जारी नहीं किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, परियोजना के लिए आवश्यक 124.02 हेक्टेयर भूमि में से केवल 82 हेक्टेयर भूमि ही राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई है, जिसके कारण निर्माण कार्य सीमित क्षेत्र में ही हो पा रहा है।इसके अतिरिक्त,प्रदेश में कुल 214 किमी के तीन नई लाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनकी लागत ₹17,622 करोड़ आंकी गई है।इनमें से 64 किमी लाइन चालू हो चुकी है,जिन पर अब तक ₹8,280 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।इसके साथ ही,सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बिलासपुर-मनाली-लेह स्ट्रेटेजिक रेल लाइन की DPR तैयार है,जिसकी अनुमानित लागत ₹1,31,000 करोड़ है।ठाकुर ने मांग की कि राज्य सरकार अपना लंबित वित्तीय हिस्सा तत्काल जारी करे, शेष भूमि अधिग्रहण तेज़ी से पूरा करे और कानूनी मंज़ूरियों को प्राथमिकता दे।उन्होंने केंद्र,राज्य और रेलवे अधिकारियों का एक संयुक्त मॉनिटरिंग सेल बनाने का प्रस्ताव भी रखा,जो प्रत्येक दो सप्ताह में समीक्षा बैठक कर प्रगति सुनिश्चित करे।उन्होंने कहा कि वे हिमाचल के विकास से जुड़े मुद्दे संसद में उठाते रहेंगे और उम्मीद जताई कि राज्य सरकार बिना देरी के लंबित मामलों का समाधान करेगी।
