कुरुक्षेत्र 29 फरवरी: कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की प्रेस वार्ता कुरुक्षेत्र पहुंचे किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि सबसे पहले तो हम पूरी भारतीय किसानों की तरफ से परिवार को किसान आंदोलन के शहीद हुए 23 वर्षिय युवा किसान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं गुरनाम सिंह चढूनी ने वार्ता शुरू करते हुए कहा कि कुछ समय पहले हुई प्रेस वार्ता में कुछ भ्रांतियां फैली हुई है जिनका जवाब देने के लिए आज यह मीटिंग का आयोजन किया गया है ।
उन्होंने कहा कि दो लोग मेरे पास आए थे जिनका नाम रमनदीप जो दिल्ली से है वह रंजीत राजू जो राजस्थान से हैं गुरनाम सिंह चढूनी का आरोप है कि इन दोनों व्यक्तियों ने गुरनाम सिंह चढ़ूनी को आंदोलन में शामिल होने का न्योता दिया था गुरनाम सिंह चढूनी के कारण पूछने पर उन दो लोगों ने उन्हें कोई भी कारण नहीं बताया उन्होंने कहा कि उन दो लोगों ने उन्हें दबाना चाहा और वो गुरनाम सिंह चढूनी से यह कहलवाना चाहते थे कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे और कुछ ऐसे ही शर्तें उनके द्वारा रखी गई वहीं इसी बीच गुरनाम सिंह ने कहा कि वह किसी के कहने से चुनाव नहीं लड़ेंगे और उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनके सामने शर्तें रख रही है तो शर्तों से आंदोलन नहीं किया जाता ।
हम किसान कभी शर्तों पर इकट्ठे नहीं होंगे वही गुरनाम ने किसान डल्ले वाल पर बोलते हुए कहा कि उनका कहना है कि उनके साथ आंदोलन में वही आए जो राजनीति से परे हो ।
राजनीति पर बोलते हुए गुरनाम सिंह ने कहा कि पिछले आंदोलन में भी किसान गठित कमेटी के पांच मेंबरों में से चार किसान नेताओ द्वारा चुनाव लड़े गए थे वहीं उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि अगर राजनीति से इतनी ही नफरत थी तो पिछले किसान आंदोलन में भी भाग नहीं लेना चाहिए था ।
उन्होंने कहा कि सभी किसान संगठनों को इकट्ठा करो और आंदोलन को आगे बढ़ाओ सभी किसानो को इकट्ठे मिलकर काम करना चाहिए किसान नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि अब आंदोलन में डाल्ले वाल ने उनके लिए कुछ शर्तें रखी सभी किसान अराजनीतिक होंगे उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में किसानों को इकट्ठा करने की जरूरत है और शर्तों को किनारा करने की जरूरत है ।
गुरनाम सिंह ने प्रेस वार्ता में अपनी अगली रणनीति के बारे में कुछ बातें साझा करते हुए कहा कि वह अपनी एक रणनीति से इस आंदोलन को आगे बढ़ने का कार्य करेंगे देश के जितने भी किसान संगठन हैं जो पिछले किसान आंदोलन में भी थे तो यह तय किया गया था कि सब किसान मिलकर SKM संयुक्त किसान मोर्चा को बनाए और इसमें मेंबरों को लेने के लिए भी रणनीति तय की गई थी और संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया गया था गुरनाम सिंह चढ़ाने ने कहा कि पिछले किसान आंदोलन में जैसे संयुक्त किसान मोर्चा ने एकता के साथ आंदोलन लड़ा था वैसे ही आप फिर से संयुक्त किसान मोर्चे के आवाहन पर हुए आंदोलन को मजबूत करने में सफल होंगे ।
सरकार जब तक उनकी यह मांगे नहीं मानेंगे तब तक किसान कमेटी इनका संचालन करेगी
सरकार से बात करने में रणनीति तय करने को लेकर पूरा जिम्मा कमेटी को दिया गया है और इस एकता के जरिए हम किसान एकता अपनी मांगों को मनवा सकती है । इस बीच गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि अगर पंजाब के साथ उनके रिश्ते सही नहीं हुए तो वह उनके साथ डटकर खड़े रहेंगे, किनारे से उनको लगातार सपोर्ट करते रहेंगे, मीडिया से बातचीत करते हुए गुरनाम सिंह ने कहा कि हम सरकार को चेतावनी देते हैं कि सरकार जाकतियां ना भरते ।
मीडिया फोटोओ को खींचकर सरकार तक भेज रही हैं, ताकि युवा प्रर्दशनकारी किसानों की विदेशी यात्रा पर भी पाबंदी लगा सके
सरकार के नुमाइंदो पर आरोप लगाते हुए कहा की वह युवा किसानों की फोटोओ को खींचकर सरकार तक भेज रहे हैं ताकि किसानो की विदेशी यात्रा पर भी पाबंदी लगा सके, किसानों के पासपोर्ट बनने भी बंद हो सके ।
“सरकार किसानों के साथ गलत कर रही है”-गुरनाम सिंह चढूनी
गुरनाम सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ गलत कर रही है जो की बिल्कुल भी सही नहीं है, हम इस चीज का विरोध करते हैं, जरूरत पड़ी तो वह सरकार के खिलाफ ऐसे ही धरना प्रदर्शन करते रहेंगे इसी बीच गुरनाम सिंह ने एसकेएम मंच पर भी अपना प्रस्ताव भेजा है लेकिन अभी तक स्वीकार की कोई भी बात नहीं हो पाई और इसी बीच प्रेस वार्ता में गुरनाम सिंह के साथ उनके सहयोगी किसान राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच , किसान नेता राकेश बैंस , बाल किशन व अन्य अन्य किसान नेता मौजूद रहे
