Shimla,31 August-हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।प्रदेश के दुर्गम जिले चंबा में हालात और भी गंभीर बने हुए हैं।इस आपदा प्रबंधन को लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
महाजन ने आरोप लगाया कि आपदा के समय मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर व्यस्त रहे और प्रशासनिक अधिकारी मौके से नदारद रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस और लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अफसर तक प्रभावित इलाकों में नहीं पहुंचे।महाजन ने यह भी आरोप लगाया कि आपदा में फंसे लोगों को निकालने के लिए हवाई मार्ग से 75 हज़ार रुपये तक वसूले गए और बसों का भी किराया लिया गया। उन्होंने इसे पीड़ित जनता के साथ अन्याय करार दिया।
सांसद महाजन ने कहा –चंबा में चार दिन तक लगातार नुकसान होता रहा,लेकिन प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर थे और अधिकारी घरों में बैठे रहे। मैंने अपने जीवन में जिले में ऐसी स्थिति पहली बार देखी है।”उन्होंने कहा कि मंत्रियों को चंबा भेजा जरूर गया, लेकिन उनके पास कोई अधिकार नहीं छोड़े गए। सरकार केवल बजट डाइवर्ट करने और प्राकृतिक संसाधनों से खिलवाड़ करने में लगी है,जिसका खामियाज़ा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
केंद्र से राहत को लेकर बयान
महाजन ने बताया कि 2023 और 2024 में आई आपदा के लिए केंद्र सरकार पहले ही राज्य को राहत राशि उपलब्ध करवा चुकी है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार 20 हज़ार करोड़ की मांग कर सकती है,लेकिन राहत राशि वास्तविक नुकसान के आधार पर ही दी जाती है।महाजन ने आरोप लगाया कि राज्य की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।अक्षम अधिकारियों को बार-बार एक्सटेंशन दी जा रही है और युवाओं को रोजगार के नाम पर वन मित्र योजना में मात्र 5 हज़ार रुपये देकर ठगा जा रहा है।
