सिरमौर, सतीश शर्मा ( TSN)-मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल सरकार सिरमौर जिला के गिरीपार जनजातीय मामले को लेकर गंभीर है और प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखेंगी ताकि जल्द यह मुद्दा सिरे चढ़े । मुख्यमंत्री देर शाम अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या के दौरान जनसंबोधन कर रहे थे।
दीप प्रज्वलितकर मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तरीय रेणुका जी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया । सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी गायक शिवजोत स्टार कलाकार रहे जबकि इस दौरान हार्मनी ऑफ़ द पॉइंट्स पुलिस बैंड के साथ-साथ जम्मू कश्मीर व उत्तराखंड राज्य के कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियां दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिपार जनजातीय मामले को लेकर कई लोगों द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं मगर हकीकत यह है कि प्रदेश सरकार खुद इस मामले को लेकर गंभीर है और सरकार ने शुरू से ही मामले को लेकर गंभीरता दिखाई है. उन्होंने कहा कि सरकार मजबूती के साथ अपना पक्ष न्यायालय में रखेंगी ताकि यह मुद्दा सिरे चढे। उन्होंने कहा कि इस मामले को आगे ले जाने में चाहे किसी भी दल का योगदान रहा हो मगर अब सरकार इस मामले को लेकर क्षेत्र के लोगो के साथ खड़ी है।
चुनावी समय मे बाँटी 5 हजार करोड़ की रेवड़ियाँ
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पूर्व की भाजपा सरकार पर भी जमकर बरसे और कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब प्रदेश के खजाने को खंगालना शुरू किया तो पता चला कि सरकार चलाने के लिए सिर्फ एक महीने की धनराशि शेष बची थी। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने जनता की संपदा को लुटा दिया है और 5 हजार करोड़ की रेवड़ियाँ सरकार ने चुनाव जीतने के लिए बाँटी। उन्होंने कहा की सरकार बनने के बाद उनका एक ही सपना था कि हिमाचल प्रदेश कैसे आत्मनिर्भर बने और कैसे समृद्ध प्रदेशों की सूची में शामिल हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सबसे पहले ऐसे बच्चों के लिए जिनका इस दुनिया में कोई नहीं है सुखाश्रय योजना की शुरुआत की जो कारगर साबित हो रही है और आज ऐसे 5 हजार बच्चों की शिक्षा का खर्च प्रदेश की सरकार उठा रही है।पहले सांस्कृतिक संध्या में मुख्यमंत्री के साथ भाजपा सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री व पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी,पच्छाद की विधायक रीना कश्यप व नाहन के विधायक अजय सोलंकी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
