1 September,2025-पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने दुबई में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि “विकसित भारत विजन 2047” की परिकल्पना को साकार करने में कंसल्टिंग कंपनियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने ‘ऑडिट और वैश्विक परामर्श का भविष्य’ विषय पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रभावी आर्थिक नीतियों के कारण भारत आज 11वें स्थान से उठकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। इस प्रगति में देश की उभरती हुई कंसल्टिंग और सलाहकार कंपनियों का भी बड़ा योगदान है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत,मध्य पूर्व और अफ्रीका मिलकर 21वीं सदी के “विकास त्रिकोण” का निर्माण कर रहे हैं। भारत-यूएई सीईपीए समझौते ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है और भारत-अफ्रीका व्यापार 100 अरब डॉलर के पार जा चुका है। दुबई इस क्षेत्र को एशिया और अफ्रीका से जोड़ने वाला प्रमुख सेवा केंद्र बन रहा है।उन्होंने आगे कहा कि “स्टार्टअप इंडिया” से लेकर “आत्मनिर्भर भारत” तक सरकार के सुधारों ने देश में नवाचार और उद्यमिता को नई गति दी है। 1 लाख से अधिक स्टार्टअप्स का उदय भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहा है।ठाकुर ने जोर देकर कहा कि आज दुनिया तकनीक के नैतिक उपयोग, डिजिटल युग में अनुपालन,सतत वित्त और ESG रिपोर्टिंग जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।इन परिस्थितियों में भारतीय पेशेवर अपनी विशेषज्ञता और विश्वास की विरासत के बल पर नेतृत्व कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “हम यह सुनिश्चित करें कि विकास की खोज में कभी भी विश्वास से समझौता न हो। यही कंसल्टिंग की असली पूंजी है और इसी दृष्टिकोण से विकसित भारत विजन 2047 में कंसल्टिंग कंपनियों की भूमिका निर्णायक रहेगी।”
