Una,11July-आगामी श्रावण अष्टमी मेले को लेकर चिंतपूर्णी में प्रशासन ने विशेष तैयारियाँ कर ली हैं।शुक्रवार को बाबा श्री माई दास सदन में एसडीएम सचिन शर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
अब बिना पर्ची के होंगे माता के दर्शन
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है—अब उन्हें दर्शन के लिए कोई पर्ची नहीं लेनी होगी।मुख्य द्वार पर लगाए गए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) के माध्यम से श्रद्धालुओं की गणना की जाएगी,जबकि लिफ्ट से जाने वालों की जांच हैंडहेल्ड डिटेक्टर से होगी।
लंगर के लिए नई शर्तें
मेले में लंगर लगाने के इच्छुक आयोजकों को ₹20,000 की राशि जमा करनी होगी,जिसमें ₹10,000 धरोहर और ₹10,000 लंगर शुल्क के रूप में मंदिर न्यास द्वारा लिया जाएगा।
सुरक्षा और सफाई व्यवस्था
मंदिर परिसर को 10 सेक्टरों में बाँटा जाएगा, जहाँ सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। सफाई की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल को दी गई है, जो 85 सफाई कर्मियों के साथ तैनात रहेगी।
सोशल मीडिया के ज़रिए प्रचार
मंदिर की प्रसिद्धि को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से इंस्टाग्राम रील्स बनवाई जाएंगी, ताकि देश-विदेश में मंदिर का प्रचार हो सके।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मंदिर न्यास ने 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की है। वीआईपी श्रद्धालु शंभू बैरियर से प्रवेश करेंगे और मुख्य बैरियर से नहीं। मंदिर गर्भगृह के सामने सेल्फी खींचना प्रतिबंधित रहेगा।
मेले के अधिकारी नियुक्त
एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर को मेला अधिकारी और एएसपी संजीव भाटिया को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है।
24 घंटे खुला रहेगा मंदिर
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान मंदिर चौबीसों घंटे खुला रहेगा, केवल रात 11:30 बजे से 12:30 बजे तक सफाई और श्रृंगार के लिए एक घंटे का ब्रेक रहेगा।श्रद्धालुओं को गर्भगृह में नारियल ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
