पलवल : चन्द्रिका ( TSN)- पलवल जिला पुलिस ने 2023 और 2024 के जनवरी और फरवरी माह के आंकड़े पेश कर बताया की 2023 की तुलना में 2024 के प्रथम 2 माह में अप*राधों में गिरावट आई है। डीएसपी दिनेश यादव ने प्रेसवार्ता करते हुए अलग अलग अप*राधों के बिंदुवार आंकड़े पेश करते हुए कहा की पलवल जिले में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है, अगर पलवल में रहना है तो अप*राध छोड़ने होंगे अन्यथा जिला छोड़ना होगा।
पलवल डीएसपी दिनेश यादव ने दी ये जानकारी
पलवल डीएसपी दिनेश यादव ने बताया की वर्ष 2023 में जनवरी और फरवरी माह में ह*त्या के 6 मुकदमे दर्ज हुए जबकि इस साल 4 मामले सामने आये हैं जिनमें पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 24 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। वहीं ह*त्या के प्रयास के पिछले साल के 16 मुकदमों की तुलना में केवल 8 मुकदमे दर्ज हुए हैं जिनमें 47 आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है और इस वर्ष लूट और स्नेचिंग के 9 मामलों में 28 लुटेरे गिरफ्तार हुए हैं। साथ ही उन्होंने बताया की फिरौती के पिछली साल के 4 मुकदमों की तुलना में अबकी बार तीन घटनाएं सामने आई है.जिनमें 11 मुल्जिम काबू किए हैं। उन्होंने बताया की सख्त चोट के 34 मुकदमों की तुलना में 18, साधारण मार*पीट के 20 मामलों की तुलना में 10 मामले, बला*त्कार के 16 मामलों की तुलना में 4, छेड़*छाड़ के 22 मुकदमों की तुलना में 9, दहेज़ के 20 मामलों की तुलना में 13, सड़क दुर्घ*टना में मृ*त्यु के 49 की तुलना में 31, सड़क दुर्घ*टना में घायल के 52 मुकदमों की तुलना में 46, साधारण चोरी के 56 की तुलना में अबकी बार केवल 32 मामले सामने आये हैं. उन्होंने बताया की इस दौरान पुलिस ने 2 इनामी बदमाश, 15 उद्घोषित अपराधी और 32 बेल जंपरों को भी जेल की सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है। अ*वैध हथियार की तस्करी और सप्लाई के मामलों में 51 आरोपियों के खिलाफ 48 मामले दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। द्रूस त*स्करी में 25 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब साढ़े 3 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद किये हैं। वही श*राब की अ*वैध तस्करी और सट्टा खाईवाली में भी पुलिस ने अपराधियों पर लगाम कसी है।
डीएसपी दिनेश यादव ने बताया की अबकी बार पुलिस ने ट्रेफिक नियम तोड़ने वालों पर बड़ी कार्यवाही करते हुए 2 करोड़, 42 लाख, 78 हजार, 300 रुपये का जुर्माना भी किया है। डीएसपी ने बताया की वर्ष 2023 में जनवरी से लेकर 26 फरवरी तक कुल 882 मुकदमे दर्ज हुए जिनकी तुलना में इस बार 716 मुकदमे दर्ज हुए हैं जो पिछली बार के मुकदमों से 166 यानी 18.8 प्रतिशत कम है। डीएसपी ने बदमाशों को चेतावनी देते हुए कहा की अगर पलवल में रहना है तो अपराधियों को अपराध छोड़ना होगा अन्यथा पलवल जिला क्योँकि अपराधियों के लिए पलवल में कोई स्थान नहीं है।
