Ambala, 25 December-:अंबाला जिले में सर्दी के मौसम के साथ लगातार पड़ रहे घने कोहरे और शीतलहर का असर फसलों पर साफ नजर आने लगा है। जहां एक ओर आलू की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, वहीं गेहूं, सरसों और सूरजमुखी की फसलों के लिए यह मौसम फायदेमंद साबित हो रहा है।
सर्दी के मौसम में लगातार पड़ रहे घने कोहरे और शीतलहर से आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आलू की फसल को इस समय ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन अधिक नमी और कोहरे के कारण इसके पत्ते पीले पड़ने लगते हैं और फसल सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।हमारी टीम ने गांव केसरी, कड़ासन और नोहनी का दौरा किया, जहां किसान मनजीत सिंह ने बताया कि इस मौसम में आमतौर पर गेहूं, सरसों, सूरजमुखी और आलू की खेती की जाती है। हालांकि, लगातार पड़ रहे घने कोहरे और धुंध का असर आलू की फसल पर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इससे पत्तियां सूख जाती हैं और फसल खराब होने लगती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
किसान मनजीत सिंह ने बताया कि शीतलहर आलू के लिए उतनी नुकसानदायक नहीं है, जितना घना कोहरा और धुंध। वहीं दूसरी ओर, गेहूं और सूरजमुखी की फसलों को इस मौसम से लाभ मिल रहा है। कोहरा और धुंध इन फसलों में नमी की कमी को पूरा कर देते हैं, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है।इस संबंध में कृषि विभाग की एसडीओ अंजलि ने बताया कि इस समय किसानों द्वारा गेहूं, सरसों और आलू की बुवाई की जा चुकी है, जबकि सूरजमुखी की फसल कुछ समय बाद लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि घना कोहरा और शीतलहर गेहूं और सूरजमुखी की फसलों के लिए लाभदायक होती है।
एसडीओ अंजलि ने कहा कि गेहूं की फसल में इस समय सिंचाई जरूरी है, जिससे उत्पादन बेहतर हो सकता है। वहीं आलू की फसल जमीन के नीचे होती है, लेकिन ऊपर की पत्तियां कोहरे और धुंध से प्रभावित होती हैं। इससे पत्ते पीले पड़कर सूखने लगते हैं और फसल को नुकसान होता है।उन्होंने यह भी बताया कि कृषि विभाग समय-समय पर किसानों को सलाह देता रहता है ताकि मौसम के प्रभाव से फसलों को बचाया जा सके।
