Shimla, 28 December-:शिमला के IGMC से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। चिकित्सकों की हड़ताल को तीन दिन पूरे हो चुके हैं, जिससे अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी, जांच और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी बीच इस मुद्दे पर BJP नेताओं के बयानों को लेकर सियासत तेज हो गई है।
राज्य के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने BJP पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट आश्वासन के बाद भी डॉक्टरों का हड़ताल पर जाना गलत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ चिकित्सकों की बैठक हो चुकी थी, जिसमें यह तय हुआ था कि पूरे मामले की जांच के लिए एक हाई लेवल इंक्वायरी कमेटी गठित की जाएगी। ऐसे में चिकित्सकों को कम से कम जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए था।मंत्री नेगी ने कहा कि हड़ताल कर पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को अचानक ठप कर देना किसी भी तरह से उचित नहीं है। इससे सीधे तौर पर मरीजों को नुकसान हो रहा है, जो पहले से ही बीमारी और तकलीफ से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में जब-जब डॉक्टरों की हड़ताल हुई है, तब उच्च न्यायालय ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। ऐसे में इस मामले को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ सुलझाने की जरूरत है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
BJP नेताओं की बयानबाजी पर पलटवार करते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि विपक्ष के चाल और चरित्र में भारी अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के नेता एक तरफ कुछ और बोलते हैं और दूसरी तरफ कुछ और रुख अपनाते हैं। उनका मकसद जनता और चिकित्सकों की चिंता करना नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदा उठाना है। मंत्री ने कहा कि BJP नेता जनता को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हुए हैं।इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा NDRF के तहत 601 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने को लेकर भी मंत्री नेगी ने BJP सांसद अनुराग ठाकुर के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कोई नई या बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह केंद्र की पुरानी लंबित किश्त है। वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन उसका पूरा पैसा अब तक नहीं मिला है।मंत्री ने बताया कि 2023 के लिए केंद्र को लगभग 2000 करोड़ रुपये देने थे, जिनमें से अब जाकर दूसरी किश्त जारी की गई है। वर्ष 2024 का कोई भुगतान नहीं हुआ और 2025 में अब तक 6000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा 1500 करोड़ रुपये की घोषणा के बावजूद आज तक एक पैसा भी हिमाचल को नहीं मिला है।
जगत सिंह नेगी ने सवाल उठाया कि दिल्ली में बैठे हिमाचल के सांसद आखिर राज्य के साथ हैं या सिर्फ BJP के साथ। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से सच्चाई नहीं बदलती और जनता सब कुछ समझ रही है।
