कुरुक्षेत्र : चन्द्रिका ( TSN)-ईद का त्योहार दुनियाभर के मुसलामनों के लिए खास महत्व रखता है. माह-ए-रमाजन के पूरा होने के बाद शव्वाल (इस्लामिक कैलेंडर का 10वां महीना) की पहली तारीख को ईद का त्योहार मनाया जाता है. इसे ईद-उल-फितर, ईद-अल-फितर, मीठी ईद या रमजान ईद भी कहा जाता है.
शव्वाल का अर्धचंद्र देखने के बाद ही ईद मनाई जाती है. लेकिन भारत में 10 अप्रैल को ईद का चांद का दीदार हुआ. ऐसे में 30 रोजा पूरा करने के बाद 11 अप्रैल को भारत में ईद मनाई जा रही है! ईद खुशियों का त्योहार है. इस दिन लोग सुबह-सवेरे नहाधोकर नए कपड़े पहनते हैं और सुबह ईद की नमाज अदा करते हैं. लोगों का एक-दूसरे के घर आना जाना होता है, घर पर मीठे और स्वाटिष्ट पकवान बनाए जाते हैं, बच्चों को ईदी दी जाती है और गरीबों के लिए फितरा निकाला जाता है.कुरुक्षेत्र के नलकाधारी रोड पर ईदगाह में शाही चीनी जमा मस्जिद का एग्जाम हाफिज सगीर अहमद इमाम ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद व शुभकामनाएं दी. इमाम ने संदेश देते हुए कहा कि सभी देशवासी आपस में मिलजुल कर रहे और सभी धर्म आपस में प्यार बनाकर रखें.उन्होंने कहा कि अपने देश की तरक्की के लिए भी दुआ मांगी.
