जम्मू (एकता): मां वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। श्रद्धालुओं की प्राचीन मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। हाल ही में मंदिर की प्राचीन गुफा से अब सालभर दर्शन हो सकेंगे। खास बात यह है कि इस सुविधा का शुभारंभ नवरात्र में किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक कटड़ा व यात्रा ट्रैक पर पांच स्थानों पर कियोस्क स्थापित कर दर्शन की ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। यह सुविधा श्रद्धालुओं को साल भर मिलती रहेगी। श्राइन बोर्ड प्रशासन की ओर से इस सुविधा को अंतिम रूप दिया गया।
माता रानी के प्राचीन गुफा से दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
यह सुविधा सेरली हेलीपैड, अर्धकुंवारी, पार्वती भवन और दुर्गा भवन में Available रहेगी। हालांकि श्रद्धालुओं को इसके लिए ऑनलाइन 101 रुपए देना होगा। जिसके बाद वह माता रानी के प्राचीन गुफा से दर्शन कर सकेंगे। इससे उनको आसानी होगी। पहले भी इस गुफा को लेकर मांग उठती रही है। जो सालभर में एक बार ही खुलता है। श्रद्धालुओं को अब जाकर राहत मिली है। सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों को होगा। जो गुफा से दर्शन करने की इच्छा रखते हैं। भवन में स्काईवाक तथा डिजिटल लॉकर सुविधा का भी फायदा होगा।
इन फूलों से महकेगा मां वैष्णो देवी का भवन
बताया जा रहा है कि इस बार मां वैष्णो देवी का भवन विदेशी फूलों से महकेगा। वहीं दूसरी तरफ शारदीय नवरात्र को लेकर भवन में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। भीड़ को देखते हुए कटड़ा से लेकर भवन तक रास्ते में यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इस बार श्रद्धालुओं को नवरात्र में दर्शन करने के लिए फलाहारी खाना भी मिलेगा। पूरे भवन में सुरक्षा के प्रबंध किए जा रहे हैं। ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वैष्णो देवी मंदिर इतना प्रसिद्ध क्यों है?
यह मंदिर दुनिया भर में लोकप्रिय है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि “मूंह मांगी मुरादें पूरी करने वाली माता”, यहां की देवी अपने भक्तों की जो भी इच्छा होती है उसे पूरा करती हैं। यह पवित्र गुफा 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और तीर्थयात्रियों को कटरा से शुरू होकर लगभग 12 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।
वैष्णो देवी की चढ़ाई में कितने घंटे लगते हैं?
माता वैष्णोदेवी की कटरा से भवन तक की 12–13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई में कितना समय लगता है? यदि आप घोड़े वालों की गति से बिना अर्ध कुमारी दर्शन के सीधे चढते जाते हैं तब आप 4 घंटे में माता के भवन तक पहुंच जाएंगे। इसके बाद भीड़ के हिसाब से आपको जो दर्शन के लिए 1 से 3 घंटे तक का समय लगेगा वो अलग है।
