हमीरपुर, अरविन्द सिंह ( TSN)- नशे के मकडज़ाल में फंसते जा रहे हमीरपुर जिला को बचाने के लिए पुलिस अब एक अहम कदम उठाने जा रही है। उन पुराने समगलर्ज का डाटा एकत्रित किया जाएगा जो नशा तस्करी या सेवन के मामलों में पकड़े गए हैं। इनका डाटा तैयार कर पता लगाया जाएगा कि वर्तमान में ये लोग क्या कर रहे हैं। क्या इन्होंने नशा तस्करी का धंधा छोड़ दिया है या फिर आज भी उसी काम में लगे हुए हैं। यदि आज भी कुछ लोग नशे तस्करी का काम रहे हैं तो पुलिस इनकी काउंसलिंग की व्यवस्था करेगी।
गौरतलब है कि हमीरपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ पुलिस ने स्पेशल टीम तैयार की है और गत दिनों जाहु व हमीरपुर सदर में टीम ने चरस व हीरोइन के साथ युवाओ को पड़कने में कामयाबी हासिल की है और उनसे पूछताछ की जा रही हैं ।
पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर का कहना ये
पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़े जा रहे मामलों में अधिकांश पुराने लोग जो नशे की खरीद फरोख्त में शामिल रहे हैं । उन्होंने कहा कि पुलिस अब जानकारी भी जुटा रही है कि यह लोग अब किस तरह के काम कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी में अधिकतर लोगो ने काम छोड़ दिया है लेकिन इसके बारे में सटीक आंकड़ा नहीं है ।पुलिस अधीक्षक हमीरपुर भगत सिंह ठाकुर का कहना है कि वर्तमान में ऐसा देखा जा रहा है कि नशेड़ी अपने प्रयोग मात्र नशा रख रहे हैं। छोटी मात्रा में नशा कहीं से लाया जा रहा है। छोटी मात्रा में से ही इसे यह वितरित कर रहे हैं। यही वजह है कि बड़ी मात्रा में चिट्टे जैसा मादक पदार्थ नहीं पकड़ा जा रहा। नशा तस्करी के मामलों से जुड़े बड़ किंगपिन नहीं है, जो थे वे सलाखों के पीछे हैं। नशे के आदी अपने इस्तेमाल के लिए नशा लेकर आ रहे हैं.पुलिस अधीक्षक हमीरपुर ने बताया कि जाहू और हमीरपुर में नशे के मामले पकड़े गए हैं। जाहू में चरस जबकि हमीरपुर शहर में चिट्टा बरामद किया गया है। हालांकि यह ज्यादा मात्रा में नहीं है। ऐसा भी देखा जा रहा है कि कम मात्रा में नशा लाया जा रहा है ताकि बड़ी कानूनी कार्यवाही से बचा जा सके।
