Chandigarh,8 september-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न हालात पर सरकार लगातार नज़र बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षतिपूर्ति के लिए ई-पोर्टल शुरू किया गया है, जिस पर अब तक 2897 गांवों के 1,69,738 किसानों ने 9,96,701 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में तत्काल राहत के लिए 3 करोड़ 6 लाख रुपये जिलों को आरक्षित निधि के रूप में जारी किए गए हैं।उन्होंने कहा कि बाढ़ व जलभराव से प्रदेश के 12 लोगों की मृत्यु दुखद है। प्रभावित परिवारों को 48 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी गई है। जिन क्षेत्रों में मकानों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाएगा।किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। चारे की कमी को पूरा करने के लिए सूखा चारा अन्य जिलों से मंगवाया जाएगा। अब तक 135 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं और 376 शिविर संचालित हैं। जरूरत पड़ने पर राहत शिविर भी लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर और पंजाब को सहायता राशि दी गई थी और आज हिमाचल प्रदेश को भी 5 करोड़ रुपये की मदद भेजी गई है। इसके अलावा सभी विधायक और समर्थित विधायक अपना एक महीने का वेतन बाढ़ राहत कोष में देंगे।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को जीएसटी सुधारों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा।
