दिल्ली (एकता): सर्दी के मौसम में हर किसी को अपने लाइफस्टाइल और खान-पान का काफी ध्यान रखना पड़ता है। कुछ लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। दरअसल एकदम से ठंड बढ़ने का असर हमारे दिमाग और शरीर दोनों पर होने लगता है। बता दें कि देश के ज्यादातर हिस्सों में ठंड का असर बढ़ने लगा है। हालांकि ये बदलाव अचानक देखा जा सकता है। जब तापमान में अचानक गिरावट आती है तो कई प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस बढ़ने लगते हैं, जिसके कारण हर किसी को काफी सावधानी की जरूरत रहती है।
लोगों को सर्दी-जुकाम और फ्लू का रहता है ज्यादा खत+रा
खास बात यह है कि ठंड के महीनों में सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य बीमारियों का ज्यादा खत#रा रहता है। इसका कारण यह है कि लोग अक्सर घर के अंदर रहते हैं, जिससे वायरस एक-दूसरे तक आसानी से पहुंच जाते हैं। इसके अलावा ठंडी, शुष्क हवा प्रतिरोध को कमजोर कर सकती है, जो इन बीमारियों के खत$रे को बढ़ाने वाली मानी जाती है। वैसे तो लोगों को पहले से अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी स्वास्थ्य समस्याएं रहती हैं, उनके लिए ये मौसम काफी मुश्किल हो सकता है।

निमोनिया की चपेट में
अगर हम चीन की बात करें तो वहां काफी लोग निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। रोगियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को निमोनिया होने का सबसे ज्यादा खत@रा रहता है।

माइग्रेन की बढ़ सकती है समस्या
माइग्रेन का सिरदर्द आमतौर पर एक टीस वाला दर्द होता है, जो मध्यम से लेकर गंभीर तक होता है। इसे साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर भी कहा जाता है। जिन लोगों को पहले से ही माइग्रेन की समस्या है, उनके लिए सर्दियों का मौसम काफी गंभीर होता है।

ब्लड प्रेशर वाले लोगों को विशेष सावधानी की जरूरत
ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर वाले लोगों को काफी जरूरत रहती है। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हृदय रोगों और इसके जटिलताओं को भी बढ़ाती है। इसलिए हमें समय-समय पर अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही ठंड के मौसम से बचना चाहिए।

