Shimla, 22 July-हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में मजदूरों को मिलने वाले लाभ फर्जी तरीके से उठाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने आज शिमला स्थित राज्य सचिवालय में पत्रकारों को बताया कि ई-केवाईसी जांच के दौरान 38 ऐसे फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं, जिनमें से कई लाभार्थी आर्थिक रूप से संपन्न हैं — इनमें बिजनेसमैन, अध्यापक और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
इन 38 लोगों में से 9 ने आवास और मातृत्व योजना के तहत 9 लाख रुपये से अधिक की राशि हड़प ली है। शेष लोगों ने भी विभिन्न सरकारी लाभों के लिए आवेदन कर रखा था। इन सभी के खिलाफ बढ़सर, हमीरपुर और भोरंज थानों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
पूर्व भाजपा सरकार पर भी गंभीर सवाल..ई-केवाईसी से खुली पोल
कंवर ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 के दौरान चुनावी लाभ के लिए मात्र 4 महीनों में 70 हजार से अधिक लोगों को मजदूर बताकर बोर्ड में रजिस्टर किया गया। उन्होंने संदेह जताया कि इनमें बड़ी संख्या में फर्जी लाभार्थी शामिल हो सकते हैं।बोर्ड अब सभी पंजीकृत श्रमिकों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से करवा रहा है ताकि फर्जीवाड़े की पूरी परतें खोली जा सकें।
