हमीरपुर, अरविन्द सिंह ( TSN)- हमीरपुर ज़िला की दादूही पंचायत के मटाहनी क्षेत्र में लखदाता समिति ने विवादित ढांचे स्थल पर कब्जा खाली कर दिया है।समिति ने ढांचे पर लगे अपने बोर्ड को हटाकर रेन-शेल्टर संबंधी बोर्ड लगा दिया। समिति ने प्रशासन से मांग भी की कि अगर वहां लोगो को सुविधा प्रदान करने के लिए बैंच भी लगाए जाएगें तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी ।
गौरतलब है कि भूमि के स्वामित्व के दावों के बीच राजस्व विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हमीरपुर के भूमि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन राज्य सरकार की है । वर्तमान में सूफी संत लखदाता पीर की मजार स्थित है ।16 सितंबर को समिति के द्वारा मजार पर एक भवन बनाने की योजना के बारे में एक वीडियो सामने आया था। जिसमे दीये जलाने के लिए बनाए गए ढांचे के चारों ओर टाइल्स और दीवारें बिछाने का काम चल रहा था जिसमे बाद में मजार का संचालन करने वाली कमेटी ने इसे हटा दिया लेकिन यहां वर्षों पहले हुए निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे। वन विभाग हमीरपुर ने जमीन की पैमाइश के लिए प्रशासन और राजस्व विभाग को लिखा।
जमीन वक्फ बोर्ड की नहीं..
तहसीलदार हमीरपुर ने बताया कि राजस्व विभाग के 2018-19 के रिकॉर्ड के मुताबिक महल महतानी गांव की जमीन वक्फ बोर्ड की नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश सरकार की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया में भी जमीन को लेकर कुछ टिप्पणी की थी ।
कमेटी प्रधान बोले…आम जनता के सहयोग से बनाया गया ढांचा
इस बीच, लखदाता समिति ने कहा कि उसे निर्मित ढांचे के सरकारी संचालन पर कोई आपत्ति नहीं है। समिति ने दावा किया कि उसने वर्षों पहले लोगों की मदद से निर्माण कार्य कराया था।कमेटी मटाहणी के प्रधान भगदीन ने कहा कि छिंज कमेटी ने जनसहयोग से निर्माण कार्य किया है और प्रतिवर्ष कमेटी छीज का आयोजन किया जाता है।उन्होंने कहा कि उक्त जगह पर बस स्टॉप में लोगो की सुविधा के लिए बैठने के जगह बनाई गई है ।
