दिल्ली, 10 मार्च-:राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने संसद में हिमाचल प्रदेश में केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिलने वाली निधियों और उनके उपयोग से जुड़ा विषय उठाया। इस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार राज्य को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से लगातार वित्तीय सहयोग दे रही है।
मंत्री के अनुसार नेशनल हेल्थ मीशन और प्रधान मंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मीशन के तहत वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पर्याप्त केंद्रीय सहायता प्रदान की गई है। इस सहायता का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।इसके अलावा आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री Jan Arogya Yojana के अंतर्गत भी राज्य को पिछले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से केंद्रीय निधि जारी की गई है।
मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2022-23 में 64.32 करोड़ रुपये, 2023-24 में 47.91 करोड़ रुपये और 2024-25 में 49.71 करोड़ रुपये की राशि राज्य को दी गई।
मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों—शिमला, कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, नाहन और चंबा—में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी भी दी गई है। इसके लिए वर्ष 2022-23 में लगभग 35.64 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई।इसके साथ ही नर्सिंग शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत ऊना, हमीरपुर और नाहन में नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए करीब 27 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत या जारी की गई है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार की ये योजनाएँ हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में मदद मिलेगी और राज्य के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
