Karnal,10 September-करनाल के कुंजपुरा के सरकारी गोदाम से करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। करीब 68 लाख रुपए से ज्यादा के गेहूं गबन के आरोप में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आज आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सरकारी स्टॉक के कट्टों में कम वजन का खेल चलाकर विभाग को चूना लगाया गया।
गोदाम में फर्जीवाड़ा – 50 किलो की जगह सिर्फ 20 से 25 किलो गेहूं भरे कट्टे
जांच में सामने आया कि गोदाम में रखे 50 किलो वाले बैगों के अंदर सिर्फ 20 से 25 किलो गेहूं भरा जाता था। बाकी गेहूं को मार्केट में बेचकर मुनाफा कमाया गया। इस गोरखधंधे से विभाग को लाखों का नुकसान हुआ और सरकारी स्टॉक की खुलेआम लूट हुई।
गांव के युवक की शिकायत से खुला काला खेल – सीएम फ्लाइंग की छापेमारी
खराजपुर गांव के विकास शर्मा ने डीसी करनाल, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, जिला नियंत्रक और महानिदेशक फूड सप्लाई चंडीगढ़ को शिकायत भेजी। शिकायत मिलते ही सीएम फ्लाइंग की टीम ने छापा मारा और पूरे भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। गोदाम के 32, 34, 35 नंबर चट्टों और गेट के सामने वाले तीसरे चट्टे से गड़बड़ी पकड़ी गई।
जांच में बड़ा खुलासा – 4400 कट्टे गायब,एक पूरा चट्टा ही उड़नछू
1 अगस्त 2025 को दोबारा शिकायत के बाद पता चला कि गोदाम से करीब 4400 कट्टे गायब हैं। इतना ही नहीं, जांच के दौरान एक पूरा चट्टा ही लापता मिला। विभाग ने इंस्पेक्टर अशोक शर्मा और उपनिरीक्षक संदीप कुमार को तत्काल सस्पेंड कर दिया।
9 सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट–हर चट्टे में कट्टे कम पाए गए
मुख्यालय ने तत्काल 9 सदस्यीय टीम गठित की। टीम ने गेहूं को कुंजपुरा से करनाल शिफ्ट कर जांच की। हर चट्टे में कट्टे कम निकले और रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि गबन का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा था।
डीएसपी राजीव कुमार का बयान
डीएसपी राजीव कुमार ने कहा – “मामले की गंभीर जांच की जा रही है। सभी सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जो भी इस घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
करनाल का घोटाला– सरकारी गोदामों की लूट कब होगी बंद?
करनाल का यह गेहूं घोटाला हरियाणा के खाद्य आपूर्ति सिस्टम पर बड़े सवाल खड़ा करता है। सरकारी गोदामों से होने वाली ऐसी लूट आखिर कब तक जारी रहेगी? फिलहाल आरोपी इंस्पेक्टर को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
