दिल्ली (एकता): भारत में हर साल Dengue के मरीजों की संख्या में Growth होती है। डेंगू बुखार एक जानलेवा मच्छरों के संक्रमण से होने वाली बीमारी है। यह बीमारी डेंगू वायरस द्वारा फैलती है। डेंगू बुखार जनस्वास्थ्य के लिए एक खत+रा पैदा करता है। एक बार फिर से इसका असर देखने को मिल रहा है। मीडिया सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक इसके केस बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली में डेंगू की वजह से पहली मौ#त हुई है। जैसे ही डेंगू की वापसी की कोई खबर सुनता है तो हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। उनके मन में यही सवाल आता है कि आखिर डेंगू हर साल क्यों आ जाता है। जिससे अस्पतालों में लोगों का जमावड़ा लग जाता है और कई बार यह बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि इससे मौ@तें भी होने लगती है। अगर इसके आंकड़ों पर नजर डालकर देखें तो इस बीमारी से लोगों की मौ$त की संख्या काफी होती है। बता दें कि हर साल या कुछ महीनों में आने वाले डेंगू को लेकर कई सवाल हैं। क्या सिर्फ भारत में ही इसका ज्यादा असर है या फिर बाहर भी डेंगू से लोग परेशान रहते हैं। जानिए ऐसे कौन-कौन से कारण हैं जिसकी वजह से हर साल डेंगू लौटकर आ जाता है।

आखिर कौन से मौसम में होती है डेंगू की वापसी?
हर साल डेंगू की वापसी मॉनसून या उसके बाद के समय में होती है। क्योंकि यह बीमारी ज्यादातर बारिश के मौसम में फैलती है। इतना ही नहीं उसके बाद के कुछ महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर में सबसे ज्यादा फैलती है। इस दौरान डेंगू के मच्छर ज्यादा एक्टिव रहते हैं। जिससे खतरा और भी बढ़ जाता है। जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जाती है।
जानें भारत में कितनी खराब है स्थिति?
सूत्रों के मुताबिक भारत में पिछले कुछ सालों से डेंगू के केस में लगातार इजाफा हो रहा है और हर साल बड़ी संख्या में इसके केस बढ़ रहे हैं। पिछले 5 सालों में भारत में काफी केस आए। बता दें कि 2018 में भारत में 101192 केस आए थे। 2019 में 157315, 2020 में 44585, 2021 में 193245, 2022 में 233251 लोगों को डेंगू हुआ था। वहीं 2023 में 31 जुलाई तक 31464 केस आए। हर साल इस बीमारी की वजह से कई लोगों की मौत हुई।
क्या दूसरे देशों में भी फैलता है डेंगू?
खास बात यह है कि डेंगू सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैलता है। यहां तक कि अमेरिका से लेकर यूरोप भी इसकी वजह से काफी लोग परेशान रहते हैं। दुनिया के करीब 100 देश ऐसे हैं, जहां डेंगू के केस पाए गए। अब इसका प्रभाव यूरोप में भी है। हालांकि एशिया में कुल केस के 70 फीसदी केस हैं।
दुनिया को डेंगू का खतरा?
हर साल दुनियाभर में 100-400 मिलियन को डेंगू का इंफेक्शन होता है। दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी को डेंगू का खतरा रहता है। जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि दुनिया में किस तरह से डेंगू बढ़ रहा है। आखिर लोग इतने क्यों डरते हैं।
आखिर क्यों इसे कंट्रोल नहीं कर पा रही दुनिया?
इस बीमारी के आने के पीछे कई वजह है। इसे कंट्रोल करने के लिए इलाज से ज्यादा इसके बचाव पर सबसे अधिक काम किया जाना चाहिए। क्योंकि यह ऐसी बीमारी है जिसे कंट्रोल तो नहीं किया जा सकता बस रोका जा सकता है। डेंगू का कम होना दवाइयों पर निर्भर नहीं करता। इसके बचाव का तरीका ये है कि मच्छरों को बढ़ने से रोका जाए। इसलिए आपको अपने पास पानी जमा नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे मच्छर ज्यादा फैलते हैं। इसका बचाव का ये तरीका है कि अपने लेवल हर आदमी मच्छरों से बचें। बता दें कि मच्छरों के लिए हर बार एक ही दवाई काम नहीं करती। डेंगू कई तरह के होते हैं और ये हर सीजन में बदलते रहते हैं। कहा जाता है कि डेंगू पर कंट्रोल सिर्फ बचाव के जरिए ही हो सकता है और इसे पूरी तरह खत्म करना नामुमकिन है। वहीं दूसरी तरफ डेंगू से होने वाली मौ+तें शॉक, लिवर की वजह से होती है।
