Karnal14 April-करनाल के मेरठ रोड पर नगला चौक के पास फैक्टरी के कैमिकल युक्त पानी पीने से करीब 35 भैंसों ने दम तोड़ दिया। ये सभी भैंसे पंजाब के पशुपालकों की थीं,जो इन्हें लेकर यमुना की ओर जा रहे थे। पानी पीते ही भैंसे बेकाबू होकर इधर-उधर दौड़ने लगीं और कुछ ही देर में अलग-अलग जगहों पर गिरकर मरने लगीं।कोई भैंस खेतों में पड़ी मिली तो कोई सड़क किनारे।पशुपालक उन्हें ढूंढते नजर आए।लाखों का नुकसान झेल रहे इन पशुपालकों ने फैक्टरी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।घटना की सूचना के बाद पशु चिकित्सकों व पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई।पशु चिकित्सकों ने एक भैस के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है,ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके।वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घास चरते-चरते पी लिया जहरीला पानी:
पंजाब के रहने वाले पशुपालक 70 भैंसों को लेकर कई महीनों से सफर कर रहे हैं। सोमवार को वे करनाल के मेरठ रोड स्थित नगला चौक के पास पहुंचे थे।वहां खाली जमीन पर घास उगी हुई थी,जिस पर उन्होंने भैंसों को चरने के लिए छोड़ दिया।उसी जगह फैक्टरी का कैमिकल युक्त पानी पड़ा हुआ था,जिसे भैंसों ने पी लिया।पानी पीते ही भैंसें बुरी तरह बेकाबू हो गईं और किसी के मुंह से झाग निकलने लगा,तो कोई दौड़ती-दौड़ती गिर पड़ी।
फैक्टरी वाला ताला लगाकर भागा,भैंसों के शव खेतों और सड़कों पर मिले:
पशुपालक स्रायदीन,आलमदीन,आशु व अन्य ने बताया कि जैसे ही भैंसों की हालत बिगड़ी,वे कुछ समझ नहीं पाए। बाद में आसपास के लोगों ने बताया कि इसी जगह चार महीने पहले यानी 26 दिसंबर 2024 को कैमिकल युक्त पानी पीने से 21 भेड़ों की भी मौत हुई थी।उस समय फैक्टरी मालिक ने डेढ़ से दो लाख रुपये का मुआवजा देकर मामला शांत करा दिया था।इस बार जब भैंसों की मौतें शुरू हुईं,तो फैक्टरी मालिक ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
20 से 30 लाख रुपये का नुकसान,पशुपालकों ने मुआवजे की मांग की:
पशुपालकों का कहना है कि एक भैंस की कीमत कम से कम 50 हजार रुपये है,ऐसे में कुल नुकसान 20 से 30 लाख रुपये तक हो सकता है।उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरी वाले को जहरीले पानी को कवर करके रखना चाहिए था,लेकिन उसकी लापरवाही से आज ये हालत हुई।उन्होंने साफ कहा कि अगर मुआवजा नहीं मिला तो वे फैक्टरी मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएंगे।पशुपालकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 26 दिसंबर 2024 को भी इसी जगह फैक्टरी के जहरीले पानी की वजह से 21 भेड़ों की जान चली गई थी, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा 35 से ज्यादा भैंसों की मौत हो गई है,जो प्रशासन और फैक्टरी की लापरवाही को दिखाता है।
एक भैंस को मेडिकल के लिए भेजा:
घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।एक भैंस को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया है।वहीं,सदर थाना पुलिस के एसएचओ तरसेम चंद ने बताया कि नगला के पास कैमिकल युक्त पानी पीने से भैंसों की मौत की जानकारी मिली है।एक भैंस का शव जांच के लिए भेजा गया है और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
