दिल्ली (एकता): आजकल हर किसी पर ऑनलाइन पैसा कमाने का Passion सवार है। देश में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग क्षेत्र में काम करने वाली कई कंपनियों को बड़ा झटका मिला है। मीडिया सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को 55,000 करोड़ रुपए का जीएसटी डिमांड का नोटिस मिला है। बता दें कि एक कंपनी को 25,000 करोड़ रुपए का जीएसटी नोटिस दिया गया है। शायद ही देश में ऐसा नोटिस अब तक किसी को मिला हो। यह जानकारी गुप्त सूचना के आधार पर मिली। जानकारी के मुताबिक डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस ने प्री-शोकॉज नोटिस जारी किया है। ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कंपनियों को मिलने वाली जीएसटी डिमांड नोटिस का आंकड़ा बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपए तक जा सकता है।

जानिए क्या है प्री-शोकॉज नोटिस
प्री-शोकॉज नोटिस को पूर्व-कारण बताओ नोटिस कहा जाता है। यह Income tax department द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी करने से पहले इश्यू किया जाता है।
आखिर ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने क्या दिया जवाब?
जानकारी के मुताबिक जिन कंपनियों को यह नोटिस जारी किया गया है। उनमें प्ले गेम्स 24×7 और उसके सहयोगी भी शामिल हैं। हालांकि ये जानकारी लोगों ने गुप्त सूचना के आधार पर दी है। क्योंकि वह अपना चेहरा सामने नहीं लाना चाहते। हालांकि जिन कंपनियों को जो ई-मेल भेजा गया है, उन्होंने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।
Dream11 ने किया बॉम्बे हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा
आपको बता दें कि Dream11 ने प्री-शोकॉज नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। इसको 25, हजार करोड़ रुपए का नोटिस दिया गया है। इसकी रकम 20,000 करोड़ रुपए है।
ऑनलाइन गेमिंग पर बदले जीएसटी के नियम
रियल मनी गेम्स के लिए जीएसटी दरों में कई नियम बदले हैं। जीएसटी काउंसिल ने जुलाई 2023 में आरएमजी प्लेटफार्मों पर टैक्स को 28 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया था।
जीएसटी नोटिस जारी होने पर क्या होता है?
जीएसटी के तहत नोटिस जीएसटी अधिकारियों द्वारा संचार हैं। इन्हें करदाताओं को विशेष रूप से जीएसटी कानूनों का पालन न करने के लिए किसी भी चूक के बारे में याद दिलाने या सावधान करने के लिए भेजा जाता है। कई मामलों में Tax payer से अधिक जानकारी इकट्ठा करने के लिए नोटिस भेजे जा सकते हैं।
