धर्मशाला, संजु चौधरी (TSN)-विधानसभा शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विरोध जताते हुए दूसरी बार विपक्ष सदन से बाहर निकल आया. सत्ता पक्ष के विधायक चंद्रशेखर की ओर से नियम 130 के तहत लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधानसभा के अंदर हंगामा हो गया. यह प्रस्ताव केंद्र सरकार से PDNA और अन्य मदों के अंतर्गत मदद को लेकर लाया गया था.
चर्चा के दौरान जब विपक्ष की ओर से विपिन सिंह परमार के बाद मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपना वक्तव्य रखा तो विपक्ष ने उनके वक्तव्य को लेकर कड़ी आपत्ति जताई. इस दौरान जगत सिंह नेगी की ओर से प्रस्ताव की भाषा बदले जाने और केंद्र सरकार को लेकर की गई टिप्पणी पर विपक्ष भड़क गया. इसके बाद विपक्ष मंत्री और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गया.
प्रदेश सरकार के मंत्री न तो संविधान की मानते हैं न अपने मुख्यमंत्री की बात
सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महज़ चार दिन के शीतकालीन सत्र में आज सार्थक चर्चा चल रही थी. लेकिन प्रदेश सरकार के मंत्री न तो संविधान की मानते हैं न अपने मुख्यमंत्री की बात. जयराम ठाकुर ने कहा कि राजस्व मंत्री ने चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और विपक्ष के नेता के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जिसे विपक्ष किसी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि बार-बार इस तरह का व्यवहार करना मंत्री की आदत बन गई है. इस दौरान जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा.उन्होंने कहा कि मंत्री के ऐसे व्यवहार को नियंत्रण में रखना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है लेकिन मुख्यमंत्री की वह नहीं सुनते हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि आने वाले दिनों में विपक्ष यह तय करेगा की मंत्री का व्यवहार अगर नहीं बदला तो जब विधानसभा के अंदर मंत्री अपनी बात रखें तो विपक्ष उन्हें सुने या नहीं.
