कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा ( TSN)- हिमाचल सरकार की कैबिनेट में पटवारी और कानूनगो को जिला कैडर से स्टेट कैडर में बदला गया हैं। अब अगर सरकार के द्वारा इस कैडर के फैसले को रद्द नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में पटवारी और कानूनगो आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जिसका पूरा खामियाजा प्रदेश सरकार को ही भुगतना होगा। जिला कुल्लू के कटराई में आयोजित प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ की बैठक में अब यह निर्णय लिया गया हैं। वही, बैठक में महासंघ की पुरानी मांगो को भी जल्द पूरा करने का आग्रह किया गया हैं।
स्टेट केडर को भी जल्द रद्द करे कांग्रेस सरकार
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि महासंघ पटवारी और कानूनगो की अनेकों मांगे जो सरकार के पास लंबित है। जिसमें टेक्निकल स्केल और चार पटवारियों पर एक कानूनगो, प्रमोशन का निर्धारित समय या आर्थिक लाभ आदि पर राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में 28 नवंबर 2023 को चर्चा हुई थी। अब निर्णय लिया गया हैं कि अब आंदोलन के पहले चरण में पटवारी और कानूनगो द्वारा सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्य बंद का निर्णय जारी रहेगा। इसके अलावा यदि सरकार मांगो पर सार्थक निर्णय नहीं लेती हैं तो जल्दी ही महासंघ सारे कार्य बंद करने का निर्णय लेने को विवश होंगे। इसके अलावा महासंघ ने मांग रखी हैं कि सेवारत पटवारी एवं कानूनगो को जिला कैडर से राज्य कैडर का जो निर्णय हुआ है, उसको वापस लिया जाए। पटवारी एवं कानूनगो को टेक्निकल स्केल या पेमेंट वृद्धि की जाए और चार पटवारी पर एक कानूनगो और तहसीलदार और नायब तहसीलदार के रीडर कानूनगो ही होने चाहिए। राजस्व कार्यों को ऑनलाइन करने के लिए और जमाबंदी अपडेशन, इंतकाल ऑनलाइन इत्यादि के लिए पटवारखाना एवं कानूनगो कार्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रिंटर कंप्यूटर की सुविधा दी जाए। उसके बदले में दिया जाने वाला 250 रुपए का भत्ता नहीं चाहिए। वही, पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम में पटवारी केवल भूमि से संबंधित कार्य ही करेगा। आबादी देह कार्यों को धरातल पर करने के लिए पटवारी को बहुत सारी मुश्किलें पेश आ रही रही है। इसलिए भविष्य में विवाद ना हो। इसके लिए बंदोबस्त विभाग को आबादी देह का कार्य दिया जाए। सतीश चौधरी ने कहा कि पटवारी एवं कानून की वेतन विसंगति दूर की जाए और नायब तहसीलदार प्रमोशन में कानूनगो का पदोन्नति कोटा 60% से बढ़कर 80% किया जाए। इसके अलावा एक सप्ताह के भीतर अगर सरकार स्टेट कैडर का निर्णय वापस नहीं लेती है तो प्रदेश के समस्त पटवारी एवं कानूनगो अतिरिक्त कार्यभार छोड़कर पटवार खानों व कानूनगो ऑफिस की चाबियां सरकार को सौंप देंगे।
