Ambala,23 October-हरियाणा के अंबाला में बन रहा एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक अब उद्घाटन के अंतिम चरण में है। राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवंबर के आखिरी सप्ताह में इस भव्य स्मारक का उद्घाटन कर सकते हैं।
अनिल विज ने बताया कि हरियाणा सरकार ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को औपचारिक पत्र भेजा है और तारीख तय होने का इंतजार है। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से नवंबर के अंतिम सप्ताह में समय मिल जाएगा और प्रधानमंत्री खुद इस ऐतिहासिक स्मारक का उद्घाटन करेंगे।”कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसे तैयार होने में वर्षों की मेहनत लगी है। उन्होंने बताया कि यह स्मारक न केवल भारत का बल्कि एशिया का सबसे बड़ा ऐसा शहीदी स्थल होगा, जो 1857 की आजादी की पहली लड़ाई की कहानी को दर्शाता है।
विज ने कहा कि आजादी की पहली लड़ाई को इतिहास में पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया।उन्होंने कहा, “लोगों को बताया गया कि आजादी की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी, जबकि कांग्रेस का गठन 1885 में हुआ था।उससे 28 साल पहले ही हमारे देशवासी स्वतंत्रता के लिए लड़ चुके थे — पर उनके गीत नहीं गाए गए, उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी गई।”उन्होंने बताया कि उस दौर में लोगों को पेड़ों से बांधकर गोलियों से मारा गया, कोहलू के नीचे सिर रखकर कुचला गया, और वर्षों तक जेलों में रखा गया, लेकिन इन कहानियों को कभी सामने नहीं लाया गया।
अनिल विज ने कहा कि उन्होंने पिछले 20 से 25 सालों तक लगातार संघर्ष किया ताकि इन गुमनाम वीरों की गाथा को पहचान मिल सके। उन्होंने कहा, “इसी संकल्प के साथ यह शहीद स्मारक बनाया गया है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ जान सकें कि हमारी आजादी की नींव किस बलिदान पर रखी गई थी।”विज ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी का उद्घाटन समारोह इस स्मारक को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनाएगा।
