Dharamshala,Rahul chawla-:हिमाचल प्रदेश विधानसभा का दसवां शीतकालीन सत्र इस बार कई नई विशेषताओं के साथ आयोजित होने जा रहा है।धर्मशाला स्थित तपोवन परिसर में 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलने वाला यह सत्र अब तक का सबसे लंबा शीतकालीन सत्र माना जा रहा है।विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान सत्र से जुड़ी विस्तृत जानकारियाँ साझा कीं और बताया कि पहली बार आठ सिटिंगें निर्धारित की गई हैं,जबकि इससे पहले अधिकतम सात सिटिंगों तक ही सत्र सीमित रहा था।
अध्यक्ष ने बताया कि पर्यटन गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सत्र की तिथियों में बदलाव किया गया है।हाल ही में इसी परिसर में जोनल कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन भी किया गया था, जिसके बाद सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।उन्होंने बताया कि इस बार सत्र के लिए कुल 744 प्रश्न सूचीबद्ध किए गए हैं,जिनमें 604 तारांकित तथा 140 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं।सभी प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से दाखिल किए गए हैं,जो विधानसभा की कार्यप्रणाली में बढ़ती डिजिटल सुविधा को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त नियम 62 के अंतर्गत 11, नियम 63 के तहत 4, प्राइवेट मेंबर डे के लिए 7, नियम 130 के अंतर्गत 16 तथा नियम 324 के तहत 1 सूचना प्राप्त हुई है।सत्र का प्रारंभ 26 नवंबर सुबह 11 बजे होगा। पहले दिन सदन में पूर्व विधायक स्वर्गीय बाबू राम गौतम के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। सत्र में कुल आठ बैठकें होंगी,जिनमें से 28 नवंबर और 4 दिसंबर को गैर-सरकारी सदस्य कार्य के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके बाद प्रश्नकाल तथा अन्य विधायी कार्य संचालित होंगे। बुधवार को सदन में संविधान दिवस भी मनाया जाएगा।
विधानसभा परिसर में मीडिया की आवाजाही को सीमित किया
सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विधानसभा परिसर में मीडिया की आवाजाही को सीमित किया गया है। अध्यक्ष पठानिया ने स्पष्ट किया कि मीडिया प्रतिनिधि केवल चुनिंदा जनप्रतिनिधियों से ही बातचीत कर सकेंगे और परिसर में अनियंत्रित मूवमेंट की अनुमति नहीं होगी।पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधानसभा परिसर को आम जनता के लिए खोला गया है।अध्यक्ष ने बताया कि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब विधानसभा भवन का अवलोकन करने आने वाले आगंतुकों तथा विशेषकर विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश की सुविधा दी जा रही है।
